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शिवराज के जाते ही 1.78 लाख कम हो गई लाडली बहनों की संख्या, जानें कारण (12 जनवरी बड़ी खबर)

मध्य प्रदेश की राजनीति में लाडली बहनों की पात्र संख्या को लेकर बवाल मचा हुआ है । शिवराज मामा ने जब लाडली बहना योजना शुरू की थी तब पात्र महिलाओं की संख्या 1.31 करोड़ थी लेकिन जब मोहन यादव जी ने 10 जनवरी को लाडली बहनों के खातों में आठवीं किस्त ट्रांसफर की तो उन्होंने किए 1.29 करोड़ पात्र लाडली बहनों के खाते में पैसे ट्रांसफर।

कहने का मतलब यह है कि शिवराज मामा के राज में 1.31 करोड़ लाडली बहना थी लेकिन मोहन सरकार में 1.29 करोड़ लाडली बहने कैसे बचीं। विपक्ष ने मोहन यादव सरकार पर लाडली बहनों की संख्या कम होने को लेकर के निशाना भी साधा तो वही मोहन यादव सरकार की तरफ से भी जवाब आया।

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शिवराज मामा के जाते ही 1.78 लाख लाडली बहनों की संख्या कम होने का कारण है उनकी उम्र। लाडली बहना योजना में पात्र महिलाओं की उम्र 21 वर्ष से 59 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। जब शिवराज मामा ने लाडली बहना योजना शुरू की तब यह जो लाडली बहनें थी उनकी उम्र 21 से 59 साल के मध्य थी लेकिन जैसे ही 10 जनवरी 2024 आते-आते देखा गया तो 1.78 लाख लाडली बहने 59 साल से ऊपर हो चुकी हैं यानी की 60 साल की हो चुकी है तो वह महिलाएं उम्र की वजह से अब लाडली बहना योजना के अंतर्गत पात्र नहीं रही हैं इसीलिए उनको उम्र की वजह से लाडली बहन योजना से बाहर कर दिया गया है

अब उनको पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन योजना दी जाएगी। जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है और जो लाडली बहना योजना से अपात्र घोषित हो चुकी है उनको अब यहां पर पेंशन योजना के अंतर्गत वृद्धा अवस्था पेंशन दी जाएगी।

गौरतलब हो की 10 जनवरी को पहली बार माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा 1.29 करोड़ लाडली बहनों को एक साथ 1250 रुपए की किस्त डायरेक्ट सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। 10 जनवरी को लाडली बहनों को 1576 करोड रुपए माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से आवंटित किए गए।

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