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स्व सहायता समूह में बैंक सखी भर्ती, वेतन, योग्यता : 23 तारीख से पहले करें आवेदन

स्वयं सहायता समूह में बैंक सखी का सबसे पहले काम होता है कि स्वयं सहायता समूह के नए सदस्यों का खाता खुलवाने और उनका खाता खुलवाने के लिए सही जानकारी प्रदान करना कि कौन सा खाता खुलवाना है और किस तरीके से यह काम करता है । बैंक सखी के माध्यम से बैंकों के लेनदेन से संबंधित व्यवहार को कैसे बढ़ता है जिससे आने वाले समय में एक बेहतर लेनदेन और कम्युनिकेशन स्थापित हो सके । आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि बैंक सखी का वेतन कितना होता है और इसके लिए किस तरीके से स्वयं सहायता समूह की किसी महिला को चयनित किया जाता है ।

बैंक सखी बनकर महिलाएं संभालेगी बैंक का कामकाज–

स्वयं सहायता समूह की किसी महिला को बैंक सखी बनाकर गांव की वह जिम्मेदारी निभानी होती है जिसमें गांव के लोगों को समझ कर बैंक के खातों के बारे में जानकारी देनी होती है और उनको बैंक किस तरीके से लोन दे सकती है इसकी क्या प्रक्रिया रहती है और इसको किस तरीके से चुकाना है इन सभी के बारे में बताना होता है।

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बैंक सखी का कार्य 2024–

बैंक सखी योजना के माध्यम से किसी महिला को बैंक सखी के पद पर चयनित किया जाता है इसके बाद उनको गांव के स्तर पर ग्रामीण लोगों को जन्मे ज्यादातर महिलाएं आती हैं उनको बैंक से मिलने वाली लाभ के बारे में बताना होता है और बैंक की योजनाओं के बारे में जागरूक करना होता है। बैंक सखी का सबसे पहला कार्य होता है कि गांव में घर-घर जाकर लोगों को बैंक की योजनाओं के बारे में और बैंक किस तरीके से लोगों को लाभ मिल सकता है इसके बारे में जागरूक करना होता है। ग्रामीण लोगों को मिलने वाली पेंशन योजना से लेकर दिव्यांगों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में सभी जानकारी को बताना होता है। बैंक सखी के पद पर महिलाओं को इसीलिए चयनित किया जाता है ताकि महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सके और उनके जागरूकता के स्तर बढ़ सकें।

बैंक सखी की सैलरी–

बैंक सखी के पद पर पहले महीने की सैलरी किसी महिला की₹4000 निर्धारित की गई है लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जाता है और काम करने के तरीके के साथ एक्सपीरियंस बढ़ता है तो इसकी सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है। स्किल के आधार पर जितना ज्यादा अच्छा परफॉर्मेंस होता है बैंक सखी को उतनी ही ज्यादा सैलरी में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। जैसा कि बैंकिंग कार्यों में लैपटॉप जैसी चीजों की बहुत ही आवश्यकता होती है तो इसके लिए सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जो लगभग 50000 तक मिलता है।

बैंक सखी का उद्देश्य और विशेषताएं–

  1. बैंक सखी का पहला उद्देश्य होता है कि ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएं और उनके साथ-साथ अन्य लोगों को नई चीजों के बारे में तथा नेट बैंकिंग के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके ।
  2. वर्तमान समय में बैंकों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को किस तरीके से लाभ प्रदान किया जा सकता है इसके बारे में भी जागरूक करना बैंक सखी का पहला उद्देश्य होता है।
  3. बैंकों के माध्यम से कितना लोन लोगों को दिया जा सकता है और यह किस तरीके से आर्थिक सहायता के रूप में प्रयोग में लिया जा सकता है इसके बारे में जागरूक करना गांव स्तर पर एक बहुत ही उपयुक्त कार्य है जिसे बैंक सखी के माध्यम से महिलाओं को इसके बारे में जानकारी दी जाती है।
  4. बेरोजगारी को देखते हुए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इस तरीके की कई भारतीयों को सुनिश्चित किया जाता है और महिलाओं को रोजगार दिया जाता है । लगभग 6 महीने तक₹4000 प्रति महीना बैंक सखी को दिया जाता है लेकिन 2024 में यह संभावना है कि इसकी सैलरी को भी बढ़ाया जा सकता है।

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