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बरेली से मनोना धाम की दूरी, Bareilly to Manona Dham distance

बरेली जिले से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर मनोना धाम स्थित है जहां पर खाटू श्याम के द्वारा भगवान श्री कृष्ण को अपना बलिदान दिया गया था। मनोना धाम के बारे में जितना कहें उतना कम है क्योंकि यहां पर लाखों लोग आते हैं और दर्शन करते हैं जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि जो भी उम्मीद लेकर आता है कोई उसकी हर उम्मीद पूरी होती है। मनोना धाम के लिए यातायात की इतनी सुविधा हो चुकी हैं कि कोई भी व्यक्ति कहीं से भी आ सकता है यदि कोई ट्रेन के माध्यम से आना चाहता है तो वह डायरेक्ट बरेली जंक्शन पर आ सकता है क्योंकि यहां के ही नजदीक यह धाम मौजूद है।

बरेली से मनोना धाम की दूरी–

मनोना धाम एक बहुत ही प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है मगर एक बहुत ही बड़ी विडंबना यह है कि अक्सर कहा जाता है कि अपने नजदीकी जो चीज होती है उसकी कदर नहीं होती और जो अपने से बहुत दूर होती है उसकी कदर होती है। ठीक वैसा ही मनोना धाम के साथ होता है जहां लोकल के आदमी बहुत ही काम आते हैं लेकिन बहुत दूर-दूर के लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं दिन में लगभग 500 किलोमीटर से लेकर 1000 किलोमीटर और 2000 किलोमीटर दूर से भी लोग यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं।

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शहर/नगरदूरी मनोना धाम से (किलोमीटर)
बरेली (महानगर)42
बदायूं
बजीरगंज
विसोली
मनोना7

मनोना धाम एक रहस्य –

जिस तरह से छतरपुर जिले का बागेश्वर धाम एक रहस्य बना हुआ है इस तरह से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का बहुत ही प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जिसे मनोना धाम के नाम से जाना जाता है यह भी अपने रहस्य के लिए जाना जाता है क्योंकि यहां पर होने वाली चमत्कार के बारे में आज तक किसी को पता नहीं चल पाया है । मनोना धाम के बारे में अक्सर कहा जाता है कि यहां पर आने वाले हर श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है चाहे वह किसी भी मनोकामना को लेकर यहां पर आया हो ।

मनोना धाम में प्रबंध हुई बड़ी धर्मशाला–

मनोना धाम पर बाबा खाटू श्याम के अलावा नए मंदिर का भी निर्माण हो चुका है और यह मंदिर पूरी तरीके से तैयार हो गया है अब इसके दर्शन आसानी से किया जा सकते हैं क्योंकि यहां पर कोई भी काम बाकी नहीं रह गया है । मनोना धाम जैसे ही धीरे-धीरे प्रसिद्ध की ओर बढ़ा इसका विकास भी बड़ी तेजी से बड़ा जिस तरह से बागेश्वर धाम में करोड़ों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं जैसे आज मनोना धाम पर भी लोगों की भीड़ भारी मात्रा में देखने को मिलती है ।

मोर झड़ी की लगाई जाती है फटकार–

असाध्य रोग से पीड़ित जब कोई व्यक्ति मनोना धाम पर आता है तो उसको मोर झड़ी के द्वारा फटकार लगाई जाती है और यह फटकार आशीर्वाद के तौर पर होती है यही वजह होती है की असाध्य रोग बड़ी आसानी से ठीक हो जाता है। किसी भी समस्या से पीड़ित व्यक्ति यदि इस धाम में एक बार आ जाता है तो निश्चित रूप से वह है उसे रोग से ठीक हो जाता है।

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