भोपाल जिला | Bhopal District Wise GK History Tourism

हेलो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के बारे में जिसमें प्रमुख रुप से भोपाल जिले के अंतर्गत आने वाले सभी पर्यटक स्थलों के बारे में आज हम आपको संपूर्ण विस्तार से बताएंगे | इन पर्यटक स्थलों में कौन-कौन से पर्यटक स्थल भोपाल जिले में पाए जाते हैं इनका क्या महत्व है सभी प्रकार से विस्तारित रूप से चर्चा की जाएगी | भोपाल जिले के अंतर्गत आने वाली पहाड़ियों और जिलों के कारण इस जिले में अधिक से अधिक मात्रा में पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है | भोपाल जिले के अंतर्गत बहुत सी ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं जिनका इतिहास बहुत ही पुराना और रोचक है जिस कारण से पर्यटक अक्सर यहां पर भ्रमण करने के लिए आते हैं | दोस्तों आज हम संपूर्ण विस्तार से चर्चा करने वाले हैं भोपाल जिले के अंतर्गत जितने भी पर्यटक स्थल आते हैं उनके बारे में पूरी जानकारी के साथ आप से चर्चा होगी |

Arera hills भोपाल जिले की सबसे बड़ी कॉलोनी
गौहर महलसन 1881 में निर्मित 
भोजेश्वर मंदिरपूर्व का सोमनाथ भगवान शिव के लिए प्रसिद्ध
भीमबेटका की गुफाएं12000 से भी अधिक वर्ष पुरानी 
मोती मस्जिद1807 में निर्मित
शौकत महल1830 में निर्मित
वन विहार राष्ट्रीय उद्यानISO 9001-2008 प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला भारत देश का पहला राष्ट्रीय उद्यान
भारत भवनप्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया की डिजाइन के द्वारा निर्मित
भोपाल का रॉक गार्डनचंडीगढ़ के रॉक गार्डन की तर्ज पर निर्मित
बिड़ला मंदिरसन 1964 में निर्मित
जामा मस्जिददुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद और एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद
लक्ष्मी नारायण मंदिरबिड़ला मंदिर को ही कहते हैं

गौहर महल-

गौहर महल मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत आता है यह महल भोपाल की बड़ी झील के पास स्थित है | गौहर महल का संबंध गौहर बेगम पर है गोहर जावेद खान हिज दागी पुत्री थी इनको कुदेशिया भी कहा जाता था | इनका इतिहास बहुत ही रोचक और मनोरम है कहा जाता है शादी से पहले इन्होंने अपने नाम में बदलाव किया था लेकिन मोहम्मद शाह ने ढूंढ कर उन्हें अपनी तीसरी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया |

गोहर महल का निर्माण 1881 में गौहर बेगम के द्वारा किया गया था | गौहर महल के बारे में बहुत ही ऐसी कहानियां हैं जिनके बारे में गोहर महल के आसपास निवासी लोगों के द्वारा पता चलती हैं | इसके अलावा इंटरनेट अथवा पुस्तकों के माध्यम से भी गोहर महल का इतिहास बहुत ही पुराना और रोचक लगता है |

Arera Hills –

अरेरा पहाड़ी जोकि भोपाल शहर को भोपाल के पुराने शहर और भोपाल शहर को दो अलग-अलग भागों में बांटती है | वर्तमान में अरेरा हिल्स एक पूरी कॉलोनी के रूप में जानी जाती है जिसे अरेरा कॉलोनी कहा जाता है | अरेरा कॉलोनी भोपाल जिले के दक्षिण में स्थित है यह कॉलोनी और हीरा पहाड़ी के ठीक बिल्कुल नजदीक है| भोपाल शहर की एक बहुत बड़ी आबादी अरेरा कॉलोनी के अंतर्गत आती है| अरेरा कॉलोनी वर्तमान में बहुत बड़ा आवासीय स्थल है जहां पर हजारों की संख्या में लोग निवास करते हैं | अरेरा कॉलोनी का क्षेत्रफल ज्यादा होने के कारण इसको 8 उप क्षेत्रो में बांटा गया है जिसे क्रमांक 1 से 8 तक कहा जाता है | भोपाल की यह कॉलोनी बहुत ही सुंदर और आकर्षक लगती है क्योंकि यहां पर बहुत ही सुंदर सुंदर बगीचे और और ध्यान मौजूद हैं | अरेरा कॉलोनी के अंतर्गत आने वाले उद्यानों के कारण यह कॉलोनी बहुत ही लोकप्रिय है | Arera colony के अंदर बहुत सारे बगीचे भी मौजूद हैं और हरे भरे पेड़ पौधों की कारण यहां पर पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है |

✔️अरेरा हिल्स पर प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर भी है जो बिड़ला समूह के द्वारा बनवाया गया है |

✔️अरेरा हिल्स पर निर्मित प्रसिद्ध शौर्य स्मारक का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा किया गया है | इस स्मारक पर भारत पाकिस्तान और भारत चीन से जुड़े युद्ध की घटनाओं को आप आसानी से समझ सकते हैं|

भोजेश्वर मंदिर/ पूर्व का सोमनाथ –

दोस्तों भोजेश्वर मंदिर वर्तमान में रायसेन जिले के अंतर्गत आता है लेकिन यह मंदिर भोपाल से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | भोजेश्वर मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना और ऐतिहासिक होने के कारण यहां पर पर्यटक अक्सर घूमने के लिए आते हैं| इस मंदिर की सबसे खास विशेषता यह है कि इस मंदिर का निर्माण पूर्ण रूप से नहीं हुआ है | यह मंदिर भगवान शिव के लिए प्रसिद्ध है |

भोजपुर मंदिर बेतवा नदी के किनारे स्थित होने के कारण यह मंदिर बहुत ही आकर्षक और खूबसूरत लगता है हालांकि इस मंदिर का निर्माण पूर्ण रूप से नहीं हुआ है |

भीमबेटका की गुफाएं –

Madhya Pradesh के भोपाल जिले के अंतर्गत आने वाली भीमबेटका की गुफाएं लोगों के पर्यटक का केंद्र बन चुकी हैं | भीमबेटका की गुफाएं भोपाल जिले से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं | भीमबेटका की गुफाओं का इतिहास लगभग 12000 से भी अधिक सालों का है | दोस्तों बहुत पुरानी और ऐतिहासिक होने के कारण लोग भीमबेटका की गुफाओं का भ्रमण करना बहुत पसंद करते हैं क्योंकि इतिहास के बारे में जानने के लिए लोग हमेशा जिज्ञासु रहते हैं |

भीमबेटका की गुफाएं -

मोती मस्जिद-

भोपाल में ही स्थित है प्रथम मोती मस्जिद का निर्माण सिकंदरा जहां बेगम ने करवाया था | 1807 में सिकंदरा जहां बेगम के शासनकाल के दौरान है यह प्रसिद्ध मोती मस्जिद का निर्माण लोगों के लिए बहुत ही प्रसिद्धि का कारण था | मुस्लिम शासन के दौरान अधिक से अधिक मस्जिदों का निर्माण किया गया है जो कि मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत ही गर्व की बात हुआ करती थी | भारत में समय-समय पर कई लोगों ने यहां पर शासन किया है जिसने भी शासन किया है उसने सबसे पहले अपने धर्म के लिए धर्म से जुड़ी बहुत ही इमारतों का ही निर्माण किया है |

ताजुल मस्जिद-

ताजुल मस्जिद भोपाल जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है जिसे गुलाबी मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है | भारत देश की सबसे बड़ी मस्जिद taj-ul-masajid ही है | देश की सबसे बड़ी मस्जिद होने के कारण इसे देखने के लिए देश-विदेश के कई पर्यटक आते हैं | भोपाल जिले के अंतर्गत ढाई सीढ़ी मस्जिद भारत की सबसे छोटी मस्जिद है जो कि पर्यटक स्थलों का प्रमुख केंद्र है | इस मस्जिद का इतिहास बहुत ही पुराना और रोचक होने के कारण इसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है |

शौकत महल-

शौकत महल का इतिहास भोपाल के अंतर्गत आने वाले सभी पर्यटक स्थलों में थे पूरी तरीके से भिन्न है | शौकत महल का निर्माण मध्य काल के दौरान हुआ है जिसकी नक्काशी कुछ इस तरीके से है कि लोग देखकर आश्चर्यचकित रह जाते |

शौकत महल का निर्माण सन 1830 में सिकंदरा जहां बेगम की शादी के उपहार के रूप में किया गया था | सिकंदरा जहां बेगम उस समय की भोपाल की पूर्व महिला शासिका थी| फ्रांसीसी राजाओं के वंशज बार वंशज बर्बन्श द्वारा भोपाल में बहुत सी ऐसी इमारतों को निर्मित किया गया जिसकी कला बहुत ही अद्भुत है और अनोखी है| भारतीय सलामी और यूरोपीय कला का यहां पर आपको मिश्रण देखने को मिलता है जिसमें चतुर्भुज आकार की बहुत से ऐसी इमारतें देखने को मिलेंगे जिसे देखने के बाद आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे |

भोपाल के अंतर्गत आने वाला शौकत महल अन्य पर्यटक स्थलों की तुलना में बिल्कुल भी फीस नहीं लेता है | Shaukat Mahal का भ्रमण पूरी तरीके से निशुल्क है यहां पर आप फ्री में पूरे महल को आसानी से देख सकते हैं |

शुक्रवार को यह महल बंद रहता है बाकी के सभी दिनों में आप किसी भी दिन इस महल को घूम सकते हैं |

शौकत महल के घूमने का समय सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक का है |

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-

Madhya Pradesh राज्य के भोपाल जिले के अंतर्गत आने वाला वन विहार राष्ट्रीय उद्यान पर्यटन का और आकर्षण का केंद्र है | Bhopal जिले में आने वाला वन विहार राष्ट्रीय उद्यान आईएसओ 9001 और 2008 प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला एकमात्र भारत देश का राष्ट्रीय उद्यान बन चुका है | क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश राज्य का यह राष्ट्रीय उद्यान सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है |

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल जंक्शन से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल की ऊपरी झील के बिल्कुल पास में है | भोपाल की 24 पर्यटकों में से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान प्रमुख पर्यटक स्थल है यह बहुत ही खूबसूरत और मनोरम लगता है | वन विहार राष्ट्रीय उद्यान आधुनिक प्राणी उद्यान के रूप में जाना जाता है जहां पर बहुत ही खूबसूरत वन्य जीव पाए जाते हैं जिनको देखने के लिए बरसात के मौसम में पर्यटक अधिक मात्रा में यहां पर भ्रमण करते हैं |

⚫️वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की 200 प्रजातियां से अधिक पाई जाती हैं और लगभग 60 प्रजाति की तितली किस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत पाई जाती है |

⚫️वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर पर्यटन का आनंद लेने के लिए थोड़ी बहुत शुल्क भी लगता है |

⚫️वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में चीता, तेंदुआ , नीलगाय आदि बहुत देर से जानवर पाए जाते हैं जो बहुत ही खूबसूरत और आकर्षक लगते हैं|

⚫️इन जानवरों को बिल्कुल सामने से देखने के लिए आप राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कर सकते हैं |

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-

भारत भवन –

दोस्तों भारत और भवन वह शुरुआत करने का श्रेय 13 फरवरी 1982 को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्री इंदिरा गांधी जी को जाता है | भारत भवन एक ऐसी इमारत है जिस को डिजाइन करने के लिए प्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया को बुलाया गया था |

मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाला भारत भवन मध्यप्रदेश में होने वाली प्रसिद्ध लोक कलाओं और ललित कलाओं के लिए जाना जाने वाला भवन है भारत भवन इन कलाओं के लिए सबसे बड़ा केंद्र है |

Motilal Nehru Stadium –

भोपाल जिले का मोतीलाल नेहरू स्टेडियम भोपाल के अंतर्गत निवास करने वाले लोगों के लिए और प्रतियोगिता से संबंधित तैयारी करने के लिए यह स्टेडियम सबसे उपयुक्त और उपयोगी है |

⚫️तरण पुष्कर स्टेडियम भी भोपाल जिले के अंतर्गत आता है | ऐसे स्टेडियम के माध्यम से लोग पानी के अंतर्गत होने वाली प्रतियोगिताओं को सीखते हैं |

⚫️मध्य प्रदेश मे सन् 1995 से युवा महोत्सव भी मनाया जा रहा है | युवा महोत्सव की शुरुआत राष्ट्रीय मध्यप्रदेश के भोपाल जिले को ही जाता है |

राजमाता विजयाराजे सिंधिया अस्पताल-

राजमाता विजयाराजे सिंधिया अस्पताल भोपाल जिले के अंतर्गत आता है जिसका जिसका निर्माण दिल्ली के एम्स अस्पताल की तरह है | इस अस्पताल में मुख्य रूप से कोविड-19 का इलाज तो किया ही जाता है लेकिन इसके अलावा भी बड़ी -बड़ी बीमारियों को ठीक किया जाता है |

अहमदाबाद महल-

अहमदाबाद नवाबों के अलग ही रुतबे रहते थे मुस्लिम शासन काल के दौरान अहमदाबाद महल में कहा जाता है यहां के नवाब 1 दिन में दो बार होली मनाते थे |

उनके बारे में कई इतिहासकार बताते हैं कि भोपाल के अंतर्गत निवास करने वाले सभी धर्मों के गुरु और उनसे जुड़े लोगों को नवाब अहमदाबाद महल में बुलाकर के त्यौहार को एक साथ मनाते थे |

चिनार पार्क गार्डन-

पर्यटकों को सबसे ज्यादा आनंदित कर देने वाला चिनार पार्क भोपाल शहर का सबसे बड़ा गार्डन है | चिनार पार्क के अंदर गणेश जी और देवी जी का मंदिर देखने को मिलता है यहां पर हिंदू धर्म के जुड़े लोग चिनार पार्क गार्डन का भ्रमण जरूर करते हैं | चिनार पार्क बहुत ही खूबसूरत और मेन रोड पर स्थित है | चिनार पार्क गार्डन के अंतर्गत आप ऐतिहासिक काल की बहुत ही कलाकृतियों को देख सकते हैं | चिनार पार्क गार्डन जाने के बाद व्यक्ति पूरी तरीके से आनंदित और खुश हो जाता है क्योंकि यहां का वातावरण एकदम स्वच्छ और आनंदित कर देने वाला है |

  1. रॉक गार्डन- दोस्तों देश का जाना माना और सबसे विश्व विख्यात रॉक गार्डन भारत के पंजाब राज्य के अंतर्गत चंडीगढ़ शहर में देखने को मिलता है परंतु मध्य प्रदेश राज्य के अंतर्गत चंडीगढ़ के रॉक गार्डन की ही तर्ज पर एक गार्डन भोपाल में बनाया जा रहा है | अमृत योजना को स्वीकृति मिलने के बाद तेलिया तालाब के ऊपर रॉक गार्डन को बनाया जा रहा है |
  2. भोपाल का आईटी पार्क-

मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत आने वाला आईटी पार्क इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है |

चिनार पार्क गार्डन- Sehore

बिरला मंदिर / लक्ष्मी नारायण मंदिर-

भोपाल शहर में स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर का निर्माण बी. डी .बिरला के द्वारा करवाया गया है | इस मंदिर का निर्माण 1964 के समय हुआ था बहुत पुराना और ऐतिहासिक होने से इसका पर्यटक महत्व बहुत अधिक है | नागर शैली में बनाए हैं मंदिर बहुत ही लोकप्रिय और प्रसिद्ध है | भगवान शिव और विष्णु के अवतारों की पत्थरों की मूर्तियां आपको इस मंदिर में बहुत ही सुंदर और अलग ही कलाकृति की देखने को मिलती हैं |

  1. दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय-
  2. प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय –
  3. भोपाल के प्रमुख उद्योग-
  4. श्यामला हिल्स-
  5. सात पहाड़ियों का नगर-

⚫️भोपाल जिले को” सात पहाड़ियों का नगर “भी कहा जाता है क्योंकि भोपाल जिले के अंतर्गत बहुत ही पहाड़ियां आती हैं और भोपाल भी एक पहाड़ी पर स्थित है |

झीलों का नगर –

भोपाल शहर मध्य प्रदेश के बीचोबीच स्थित है और यहां पर बहुत सारी झीलें पाई जाती हैं जिस कारण से भोपाल को झीलों का नगर भी कहा जाता है | भोपाल में पाई जाने वाली जिलों में से भोपाल की बड़ी झील सबसे प्रसिद्ध है |

  1. इस्लामनगर का किला- इस्लामनगर का किला भोपाल जिले का प्रमुख पर्यटक स्थल है जहां पर इतिहास काल की बहुत की जानकारियों को आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं |
  2. नवाब हसन सिद्दीकी का मकबरा – भोपाल जिले के अंतर्गत आता है |

भोपाल जिला | Bhopal District Wise GK in Hindi GK History Tourism FAQ’s

प्रश्न 1. बी एच ई एल कंपनी कहां पर स्थित है?

बीएचईएल कंपनी मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में स्थित है |

प्रश्न 2. झीलों का नगर किसे कहा जाता है?

मध्यप्रदेश के भोपाल जिले को” झीलों का नगर” कहा जाता है क्योंकि यहां पर अधिकतम झीलें हैं |

प्रश्न- 3. भीमबेटका की गुफाएं कहां पर स्थित है?

भीमबेटका की गुफा मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत आती हैं|

प्रश्न- 4 .मध्यप्रदेश में ताजुल मस्जिद कहां पर स्थित है|

मध्यप्रदेश में “ताजुल मस्जिद “मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है |

प्रश्न -5. दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय कहां पर स्थित है?

दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत आता है |

प्रश्न – 6. मोती मस्जिद कहां पर है ?

मोती मस्जिद मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत आती है इसकी नक्काशी और कला बहुत ही भिन्न है |

प्रश्न -7. बी एच ई एल का फुल फॉर्म क्या है?

BHEL- bharat heavy elecricals limited

प्रश्न -8. मध्यप्रदेश में जामा मस्जिद कहां पर स्थित है?

मध्यप्रदेश में जामा मस्जिद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है | यह जामा मस्जिद विश्व की तीसरी तथा एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है |

प्रश्न 9- .मध्यप्रदेश में बड़ी झील कहां पर स्थित है?

मध्यप्रदेश में बड़ी ही भोपाल जिले के अंतर्गत आती है|

प्रश्न -10. गौहर महल कहां पर स्थित है?

“गौहर महल” मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में स्थित है| गोहर महल भोपाल जिले की बड़ी झील के किनारे स्थित है |

प्रश्न- 11 .वन विहार राष्ट्रीय उद्यान कहां पर स्थित है?

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के भोपाल की बड़ी जीत है कुछ दूरी के बाद ही शुरू हो जाता है | यह राष्ट्रीय उद्यान लगभग भोपाल जिले की 5 किलोमीटर से अधिक के क्षेत्रफल में फैला हुआ है | वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की जीव -जंतु और पशु देखने को मिलते हैं जिनमें प्रमुख रूप से सफेद टाइगर को भी यहां पर देखा जा सकता है | वन विहार राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण करने के लिए अन्य राष्ट्रीय उद्यानों की तुलना में यहां पर बहुत कम फीस में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया जा सकता है लगभग ₹20 की शुरुआत की यहां पर भ्रमण करने की है सुविधा के अनुसार इसको बढ़ाया जा सकता है |

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान क्योंकि बहुत अधिक सुरक्षित होने के कारण यहां पर आप टू व्हीलर और फोर व्हीलर के माध्यम से भी भ्रमण कर सकते हैं | यहां पर विभिन्न प्रकार के वन्यजीव देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं |

प्रश्न -12. डीबी सिटी मॉल कहां पर स्थित है?

डी बी सिटी मॉल मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा मॉल है जो कि भोपाल जिले के अंतर्गत आता है यह मॉल भोपाल शहर के बीचों बीच स्थित है |

प्रश्न 13 . भोजेश्वर मंदिर कहां पर स्थित है ?

भोजेश्वर मंदिर मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत आता है यह मंदिर भगवान शिव के लिए प्रसिद्ध है |

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