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Class 10 Sanskrit Paper 9 February 2024 MP Board (Tips To Get Good Numbers)

संस्कृत एक ऐसा विषय है जिसमें विद्यार्थी की रुचि होना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यदि विद्यार्थी से गहराई से नहीं पड़ेगा और इसकी व्याकरण को नहीं समझेगा तो निश्चित रूप से कभी नहीं सीख पाएगा। संस्कृत को सीखने के लिए लगातार इसका अध्ययन करना और सबसे ज्यादा फायदा इसको पढ़ने का तब होता है जब आपका सुबह से उठने का समय होता है । सुबह से उठकर ही इसका अध्ययन करना बहुत ही बेहतर माना जाता है संस्कृत को किस तरीके से आप सीख सकते हैं और कैसे संस्कृत के पेपर में बेहतर अंक ला सकते हैं आज के आर्टिकल में इसी पर बात करेंगे।

संस्कृत को पढ़ने का समय –

संस्कृत को पढ़ने का सबसे उपयुक्त समय-समय का होता है क्योंकि सुबह के समय हम कोई भी चीज बड़ी आसानी के साथ याद कर सकते हैं। संस्कृत को अगर बहुत ही बेहतर ढंग से सीखना है तो इस पर प्रेक्टिस करना बहुत ही जरूरी है और जो भी नोटस बनाया जाए उसका रिवीजन करना बहुत जरूरी है। वैसे तो पढ़ने का कोई भी समय निश्चित नहीं होता लेकिन सुबह के समय अक्सर हमें ज्यादातर चीज याद हो जाती हैं।

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संस्कृत के पुराने पेपर का सहयोग –

संस्कृत के लगभग 2 साल पुराने पेपर में जो भी प्रश्न दिए जाते हैं वह बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं यदि इसी तरीके के पैटर्न को समझने के बाद विद्यार्थी तैयारी करें तो निश्चित रूप से बहुत ही अच्छे अंक हासिल कर सकता है। एक बेहतर रणनीति और तैयारी करने का तरीका विद्यार्थी को बहुत ही उपयुक्त बनाता है।

संस्कृत की व्याकरण –

संस्कृत में उपयोग होने वाले सबसे ज्यादा व्याकरण के शब्दों का अर्थ सीखना विद्यार्थी के लिए आवश्यक होता है क्योंकि यदि संस्कृत की व्याकरण विद्यार्थी नहीं सीखेगा तो संस्कृत को कभी नहीं सीख सकता। संस्कृत की व्याकरण सीखने के बाद विद्यार्थी बड़ी आसानी के साथ संस्कृत के सवालों को हल कर सकता है और पेपर भी बड़ी आसानी के साथ सॉल्व हो जाता है।

संस्कृत की आवश्यकता –

वैसे तो संस्कृत की कोई आवश्यकता नहीं होती लेकिन संस्कृत एक भाषा है और भाषा कोई भी छोटी या बड़ी नहीं होती उसका अपना एक रूप होता है उसकी अपनी एक उपयोगिता होती है जो बहुत ही महत्वपूर्ण होती है । संस्कृत में कोई भी विद्यार्थी किसी भी स्तर तक अपनी एजुकेशन पूरी कर सकता है ।

यह पेपर के स्क्रीनशॉट , पेपर खत्म होने के बाद ही इस पोस्ट में लाए गए हैं। धन्यवाद

ब्लूप्रिंट का सहयोग –

ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयारी करना विद्यार्थी के लिए बहुत ही सही रहता है क्योंकि ब्लूप्रिंट में विद्यार्थी यह समझ सकता है कि कौन से अध्याय से कितने अंकों तक प्रश्न पूछे जाएंगे और उसी हिसाब से तैयारी करता है । ब्लूप्रिंट के द्वारा बनाए गए मॉडल पेपर के पैटर्न को समझना चाहिए और मॉडल पेपर को भी तैयार करना चाहिए क्योंकि मॉडल पेपर से भी बहुत सारे प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं ।

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