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कक्षा 11 अर्थशास्त्र पेपर 14 मार्च 2024 एमपी बोर्ड Annual Exam

कक्षा 11 अर्थशास्त्र का 2024, कक्षा 11 अर्थशास्त्र पेपर 14 मार्च 2024 एमपी बोर्ड

हेलो दोस्तों !

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आज की पोस्ट में हम बात करने वाले हैं कक्षा 11 वीं के छात्राओं की अर्थशास्त्र की तैयारी के विषय में जिसके अंतर्गत अर्थशास्त्र की तैयारी करते समय कौन– कौन सी सावधानियां रखना चाहिए ताकि, बेहतर तैयारी हो सके । आज की पोस्ट में हम बात करेंगे अर्थशास्त्र के अंतर्गत कौन-कौन से अध्याय आते हैं, जिनको पढ़कर विद्यार्थी आसानी से पास हो सकता है ।

दोस्तों अर्थशास्त्र की तैयारी के लिए कौन-कौन सी पुस्तकें मार्केट में आती हैं जिनकी सहायता से त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी जबरदस्त की जा सके ,इसके बारे में भी विस्तार बताएंगे । दोस्तों कई विद्यार्थी पढ़ाई में अपना कीमती समय खर्च करते रहते हैं परंतु पढ़ने का सही तरीका मालूम ना होने के कारण वह बहुत अच्छी चीजें नहीं सीख पाते और उनका कीमती समय बर्बाद होता है ।

🔲 अध्याय सीखने की कला

दोस्तों कक्षा 11 वीं में जैसे ही विद्यार्थी प्रवेश करता है तो उसके अध्ययन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। कक्षा 11वीं में पहुंचते ही विद्यार्थियों को बड़ी– बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी जाती है ,वह जिम्मेदारी विद्यार्थी की स्वयं की होती है । इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए विद्यार्थी से कोई नहीं कहता लेकिन फिर भी उसे इस पर अटल रहना होता है ।

वह जिम्मेदारी है दोस्तों सीखने की कला जिसे कोई चाहकर भी सिखा नहीं सकता इस कला को सीखने के लिए विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल कर सकता है । अपनी खुद की मेहनत के बदौलत विद्यार्थी किसी भी अध्याय को बहुत ही अच्छे ढंग से पढ़ सकता है, सीख सकता है। कई विद्यार्थी लगातार मेहनत करते रहने से इतना अच्छा सीख लेते हैं कि वे दूसरों को भी बहुत अच्छे से सिखा देते हैं ।

🔲 अर्थशास्त्र में सांख्यिकी का महत्व

कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के लिए सांख्यिकी को तैयार करना थोड़ा कठिन हो जाता है क्योंकि सांख्यिकी के अंतर्गत लगभग 7 अध्याय से भी अधिक तैयार करने होते हैं । दोस्तों सांख्यिकी सीखना विद्यार्थी के लिए बहुत जरूरी हो जाता है भले ही इस अध्याय में विद्यार्थी को अन्य अध्याय की अपेक्षा ज्यादा समय लग जाए ।

🔲 पढ़ने का जुनून

दोस्तों तैयारी करते समय आपका जुनून कम नहीं होना चाहिए जैसे ही आप बड़ी क्लास में प्रवेश करते हैं तो कभी-कभी मन भटकने लगता है । दोस्तों अगर आपके अंदर जूनून बना रहेगा तो आपकी तैयारी बहुत अच्छी हो जाएगी क्योंकि जुनून में अक्सर ऊर्जा कम नहीं होती और हम पढ़ते रहते हैं ।

दोस्तों जुनून विद्यार्थी के अंदर तब रहता है जब विद्यार्थी का लक्ष्य निश्चित होता है जब तक विद्यार्थी लक्ष्य बनाकर पढ़ाई नहीं करेगा उसका मन भटकता रहेगा । दोस्तों आपको शुरुआत से ही अपना कैरियर डिसाइड कर लेना चाहिए कि आपको क्या बनना है और उसी के अनुसार आप जबरदस्त मेहनत करना शुरू कर दीजिए । यदि आप खूब मेहनत करेंगे तो आप निश्चित रूप से कोई भी परीक्षा पास कर सकते हैं परंतु इसके लिए आपको छोटी से छोटी क्लासों में भी अच्छा परफॉर्मेंस करने की जरूरत है ।

🔲 समय सारणी का प्रयोग

दोस्तों समय सारणी बनाने के बाद कई विद्यार्थी सोचने लगते हैं कि हम उसी के अनुसार पढ़ाई करेंगे और प्रतिदिन पढ़ाई करते रहने के बाद हम अच्छी तैयारी कर ।

बस तो विद्यार्थी पढ़ने का टाइम टेबल तो बना लेते हैं परंतु इस टाइम पर ज्यादा से ज्यादा एक या दो दिन पढ़ाई कर पाते हैं फिर इसके बाद कहीं ना कहीं वे कमजोर पड़ जाते हैं । बस का समय सारणी में लगभग विद्यार्थी की क्षमता से ज्यादा समय हो जाता है जिस कारण से वे उतनी पढ़ाई नहीं कर पाते ।

दोस्तों पढ़ाई करने के लिए आपको छोटे-छोटे गोल बनाना चाहिए समय-समय पर छोटी छोटी चीजों को सीखना चाहिए इसके बाद आप जब खिलाड़ी हो जाएंगे तो बड़ी बड़ी चीजों को भी सीखने लगेंगे । अगर कोई विद्यार्थी एक साथ कई चीज़ों को सीखने की कोशिश करेगा तो वह निश्चित रूप से असफल हो जाएगा उसे हमेशा छोटी इकाई से शुरू करना चाहिए ।

🔲 दूसरे की गलत सलाह से बचें

दोस्तों कई बार विद्यार्थी परीक्षा के नजदीक आकर गलत सलाह में पड़ जाते हैं जिस कारण से उनको भारी नुकसान हो जाता । कई महीनों तक वे अपनी मुख्य पुस्तक को पढ़ते हैं और परीक्षा की तैयारी करते हैं लेकिन बाद में कई लोग बातें करते हैं कि मार्केट में आने वाली पुस्तकें बहुत अच्छी होती हैं और उन बातों के चक्कर में आकर विद्यार्थी मुख्य पुस्तक को छोड़कर मार्केट की पुस्तकें परचेस कर लेता है । एक से अधिक पुस्तकें तो विद्यार्थी परचेस कर लेता है परंतु उनके बारे में कभी यह नहीं सोचता कि उनकी भाषा क्या होगी हम उनको सीख पाएंगे या नहीं ।

दोस्तों आपको मार्केट से केवल एक ऐसी पुस्तकों परचेज करना है जिसके द्वारा आप ब्लूप्रिंट के साथ-साथ सिलेबस की जानकारी पा सकें इसके अलावा आपको अपनी एनसीईआरटी पुस्तक को ही आधार मानकर बेहतर तैयारी करना है ।

🔲 प्रश्नों के उत्तर लिख –लिख कर याद करें

दोस्तों सभी विद्यार्थियों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे प्रश्नों को लिख लिखकर जरूर अभ्यास करें। दोस्तों यदि आप किसी प्रश्न को बोल बोलकर सीख लेते हैं बार-बार पढ़कर सीख लेते हैं यहां तक आप पूर्ण रूप से प्रश्न को नहीं सीखते । प्रश्न का उत्तर पूर्ण रूप से सीखने का सबसे बेहतर तरीका होता है कि आप उसे बिना देखे लिखकर जाने कि आप उसे लिख पाते हैं या नहीं ।

दोस्तों यदि आप को कंठस्थ याद हो गया होगा तो आप बिना देखे उसे लिख सकते हैं यदि आप उसे बिना देखे नहीं लिख पाते तो आपको कहीं ना कहीं और इसकी तैयारी करना चाहिए । आपको कोशिश करना है कि आप जितने भी प्रश्न सीखे उनको लिखकर जरूर अभ्यास करें ।

🔲 संख्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास करें

दोस्तों जितने भी न्यूमेरिकल प्रश्न होते हैं उनके लिए आप समय-समय पर अभ्यास करेंगे क्योंकि न्यूमेरिकल प्रश्न रटे नहीं जा सकते । न्यूमेरिकल प्रश्नों पर जितनी ज्यादा प्रैक्टिस होगी वह उतने ही ज्यादा याद रहते हैं ।

संख्यात्मक प्रश्नों पर ज्यादा कमांड पकड़ने के लिए आप प्रीवियस ईयर के संख्यात्मक प्रश्न भी देख सकते हैं । प्रीवियस ईयर के संख्यात्मक प्रश्न यदि आप पढ़ लेते हैं तो आप न्यूमेरिकल प्रश्नों को बहुत अच्छे से सीख जाते हैं ।

🔲 रेखाचित्र के अनुसार सीखने की कोशिश करें

रेखा चित्र में विद्यार्थियों को सबसे आवश्यक होता है कि वे एक सटीक उत्तर के माध्यम से अथवा रेखा चित्र के माध्यम से परीक्षक को समझाने का प्रयास करें । दोस्तों रेखाचित्र में बहुत कम लिखना होता है परंतु लिखे गए शब्द बहुत ही स्पेशल होते हैं ।

रेखा चित्र में आप जितना कर सकें आपको साफ सुथरा लिखने की कोशिश करना है और शुद्ध लिखने की कोशिश करना है इसका अभ्यास आप अपनी तैयारी करने के दौरान कर सकते हैं । आपको किसी भी प्रकार से परीक्षा में कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं बनाना है जो आता है केवल वही लिखना है ।

🔲 साफ सुथरा लिखने की कोशिश करें

दोस्तों परीक्षा से पहले आप को साफ सुथरा लिखने की तैयारी भी कर लेना चाहिए । यदि आप सब कुछ सीख लेते हैं और परीक्षा में सब कुछ लिख भी देते हैं लेकिन यदि आपने साफ नहीं लिखा है तो आपके औसत अंक काट दिए जाते हैं ।

साफ सुथरा लिखने का प्रैक्टिस तैयारी के दौरान रफ कार्य में भी कर सकते हैं और आपको नोट्स भी बनाना चाहिए । यदि आप नोट्स बनाते रहते हैं तो आपकी लिखावट में बहुत सुधार आता है ।

🔲 विद्यालय की प्रत्येक आयोजित परीक्षा में भाग लें

दोस्तों कई बार विद्यार्थी कुछ अलग ही एडवांस हो जाते हैं और वह अपने विद्यालय में आयोजित होने वाली कई परीक्षाओं में हिस्सा नहीं लेते । दोस्तों विद्यालय में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं में हिस्सा लेना चाहिए परीक्षा में बैठने के बाद विद्यार्थी का एक अलग ही अनुभव होता है ।

दोस्तों कई विद्यार्थी सोचने लगते हैं कि कक्षा 11वीं क्लास लोकल क्लास है इसमें हम आसानी से पास हो जाएंगे तो दोस्तों इस प्रकार की मानसिकता बनाना उचित नहीं होता है । विद्यालय में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण होते हैं उन में दिए जाने वाले प्रश्न परीक्षा के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

🔲 अर्थशास्त्र के 3 साल पुराने पेपर का अध्ययन

दोस्तों यदि कोई विद्यार्थी अर्थशास्त्र के कम से कम 3 साल पुराने पेपर का अध्ययन कर लेता है तो वह निश्चित रूप से सभी विद्यार्थियों की अपेक्षा जबरदस्त तैयारी कर लेता है । इस प्रकार से तैयारी करने वाला विद्यार्थी अपने जीवन में कभी भी फेल नहीं होता ।

दोस्तों अर्थशास्त्र ज्यादा कठिन नहीं होती है इसे कोई भी आसानी से याद कर सकता है परंतु इसके लिए कंसिस्टेंसी का होना बहुत जरूरी होता है । पुराने पेपर के माध्यम से विद्यार्थी पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में समझ जाता है कि आखिर परीक्षा में किस तरीके से पूछा जाता है और किस लेवल की विद्यार्थी को तैयारी करने की आवश्यकता है ।

🔲 ब्लूप्रिंट को जरूर देखें

दोस्तों कक्षा 11वीं के छात्र ज्यादातर ब्लूप्रिंट नहीं देखते हैं जहां तक विद्यार्थियों को ब्लूप्रिंट की आवश्यकता भी नहीं होना चाहिए । यदि विद्यार्थी बिना ब्लूप्रिंट की तैयारी करता है तो कक्षा ग्यारहवीं की मुख्य परीक्षा के साथ साथ हुआ है भविष्य की कई परीक्षाओं के लिए तैयार हो जाता है । परंतु सोचने वाली बात यह है कि विद्यार्थी डिटेल से पड़ता है या नहीं यदि कोई विद्यार्थी डिटेल से पड़ेगा तो ही वह सभी परीक्षाओं के लिए तैयार हो पाएगा ।

दोस्तों प्रीवियस ईयर के पेपर पढ़ने के बाद भी आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि कौन से अध्याय में कितने अंको का पूछा जा रहा है । दोस्तों कई बार ब्लूप्रिंट में ज्यादा बदलाव नहीं किया जाता ज्यादा से ज्यादा वैकल्पिक प्रश्नों में बदलाव किया जाता है और उनके अध्याय भी थोड़े बहुत बदले जाते हैं ।

🔲 परिभाषाओं को याद करें

दोस्तों आप जिस भी अध्याय को पढ़ते हैं उसमें कई प्रकार की परिभाषाएं देखने को मिलते हैं आप उनको अच्छे तरीके से याद कीजिए यदि आपको परिभाषा याद रहेगी तो आप उससे संबंधित प्रश्नों को आसानी से हल कर पाएंगे ।

दोस्तों परिभाषा एक प्रकार से कांसेप्ट ही होता है जो हमें यह बताता है कि आखिर में यह चीज क्या है । परिभाषा के अंतर्गत जिस चीज के बारे में हम पढ़ते हैं उसकी विशेष जानकारी होती है । दोस्तों परिभाषा से कई प्रश्न डायरेक्ट पूछ लिए जाते हैं यदि आपको परिभाषा याद रहेगी तो आप बहुत आसान से आसान प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। यदि आपको परिभाषा ही याद नहीं है तो आप निश्चित रूप से उससे संबंधित कुछ भी नहीं लिख पाएंगे ।

🔲 सूत्रों को याद करें

दोस्तों सूत्रों को याद करना बहुत ही आवश्यक होता है परंतु यह तभी याद रहते हैं जब इन पर बार-बार काम किया जाए । दोस्तों सूत्र याद रखने के लिए इनको बार-बार लिख लिखकर सीखना होता है समय-समय पर इनका रिवीजन करना भी बहुत जरूरी होता है । सूत्रों को रटा नहीं जा सकता इसीलिए इनका कांसेप्ट समझना होता है कि आखिर इन को बनाया कैसे गया इनकी वैल्यू कैसे निकलती है ? सूत्र कैसे बने हैं यदि यह कौन सा पर विद्यार्थी के समझ में आ जाता है तो कभी भी इनको याद रखने में कोई हैरानी नहीं जाती वह हमेशा याद रहते हैं ।

🔲 सूत्रों के नोट्स तैयार रखें

दोस्तों अलग से आप कांसेप्ट का नोट्स बना सकते हैं और उसने कांसेप्ट के साथ साथ है सूत्रों को भी लिख सकते हैं । इस प्रकार का यदि आप नोट्स बना लेते हैं तो परीक्षा से पहले आप अच्छे तरीके से रिवीजन कर सकते हैं । अपने हाथ के द्वारा बनाया गया नोट्स बहुत ही उम्दा होता है जब कोई विद्यार्थी खुद के द्वारा नोट्स बनाता है तो वह प्रमुख रूप से हाथ के साथ-साथ बुद्धि और विवेक का प्रयोग करता है इस तरीके से वह चीज हमेशा लंबे समय तक याद रहती है ।

🔲 छोटे-छोटे चिन्हों का प्रयोग करना सीखें

दोस्तों जब विद्यार्थी छोटी से छोटी गलती भी परीक्षा में अगर करता है तो उसके भी अंक काट दिए जाते हैं । दोस्तों जैसे( – )का प्रयोग कोमा (,),। आदि छोटे-छोटे चिन्हों को सीखना भी बहुत जरूरी होता है ।

🔲 अधिक से अधिक ना लिखें

दोस्तों आपको परीक्षा में जरूरत से ज्यादा नहीं लिखना है जितने शब्दों में उत्तर लिखने के लिए कहा गया हो आपको केवल उतने ही शब्द लिखना है । किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए आपको हमेशा शुद्ध और सटीक शब्दों का प्रयोग करना चाहिए ।

दोस्तों यदि आप जरूरत से ज्यादा शब्दों का प्रयोग करेंगे तो आपका उत्तर तो सही माना जाएगा परंतु आपका समय व्यर्थ में बर्बाद हो जाएगा । दोस्तों परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी होता है आपको समय से पहले सभी प्रश्नों का उत्तर देना होता है इसके लिए आप निर्देश का पालन करें जो परीक्षा में दिए जाते हैं ।

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