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कक्षा 11 होम साइंस गृहविज्ञान 2024 वार्षिक 18 मार्च पेपर

कक्षा 11 होम साइंस  2024

हेलो दोस्तों!

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आज की पोस्ट में हम बात करने वाले हैं कक्षा 11वीं होम साइंस विषय के बारे में जिसके अंतर्गत होम साइंस की तैयारी कैसे कर सकते हैं? विद्यार्थियों को होम साइंस विषय के अंतर्गत कौन-कौन सी मार्केट में आने वाली पुस्तकों को पढ़ना चाहिए । कैसे होम साइंस विषय में विद्यार्थी बेहतर अंक प्राप्त कर सकता है ।

विद्यार्थी को किस तरीके से इस विषय के पैटर्न को समझना चाहिए कौन सा तरीका है जिसके माध्यम से विद्यार्थी इसे कम समय में याद कर सकता है। दोस्तों इसके अंतर्गत कौन-कौन से अध्याय आते हैं जिसमें विद्यार्थियों को हैरानी होती है इन अध्यायों को किस तरीके से समझा जा सकता है । आज गृह विज्ञान के अंतर्गत आने वाले सभी पुराने पेपरों के बारे में भी चर्चा करेंगे । किस तरीके से विद्यार्थी परीक्षा में इसका पेपर परीक्षा के समय से पहले ही हल कर सकता है सभी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे ।

🌗 पढ़ाई करने की जगह निश्चित करें

दोस्तों पढ़ने का स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण होता है आप किस स्थान पर पड़ती हैं यह बहुत ही मायने रखता है । दोस्तों जहां पर आप पढ़ते हैं आपको केवल पढ़ाई वाली वस्तुयें दिखाई देना चाहिए । आपको पलंग पर बैठ कर अथवा लेटकर पढ़ाई करने की कोई आवश्यकता नहीं है यदि आप पलंग पर बैठ कर अथवा लेटकर पढ़ाई करते हैं तो आपको जल्दी नींद आ जाती है।

पढ़ाई करने की सबसे ज्यादा तकनीकी अगर सफल रही है तो वह  टेबल कुर्सी के माध्यम से क्योंकि टेबल कुर्सी के माध्यम से विद्यार्थी को नींद बहुत कम आती है और उसकी कमर में दर्द कभी नहीं होता । दोस्तों टेबल कुर्सी पर बैठने के बाद पूरी बॉडी पढ़ाई के प्रति समर्पित रहती है । जहां पर आप पढ़ते हैं वहां पर ढेर सारी किताबों के साथ आमने सामने जहां कहीं भी पढ़ाई वाला मटेरियल चिपका हुआ होना चाहिए जैसे बड़े-बड़े हिंदी अंग्रेजी मैप कैलेंडर ।

🌗 पढ़ने का समय सेलेक्ट करें

दोस्तों आपके पढ़ने का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है आप किस समय पढ़ते हैं यह आप पर निर्भर करता है मगर आपको किस समय पढ़ना चाहिए यह भी एक नियम होता है । दोस्तों पढ़ने का सही समय तब होता है जब हमें चीजें ज्यादातर याद हो जाती हैं और हमारा मन शांत हो ।

दोस्तों पढ़ाई का ज्यादातर बहुत अच्छा समय सुबह का होता है सुबह 4:00 बजे से लेकर सुबह 7:00 बजे तक का समय विद्यार्थी के लिए बहुत ही उपयुक्त होता है। सुबह के समय हमारे कानों में बाहर की दुनिया की फालतू आवाज नहीं गूंजती और ना ही हमें शोर सुनाई देता है । हमारा मन एकदम सुबह के समय शांत रहता है और पढ़ाई करने में बहुत सक्षम होता है । सुबह के समय आसानी से हम चीजों पर फोकस कर लेते हैं ।

🌗 बोलकर पढ़ने के फायदे क्या है

दोस्तों पढ़ने के कई तरीके होते हैं कोई बोलकर याद कर लेता है कोई लिखकर याद कर लेता है परंतु सभी विद्यार्थियों का पढ़ने का अलग अलग तरीका होता है । आइए बात करते हैं बोलकर पढ़ने के क्या फायदे होते हैं :–

↪️ दोस्तों जब हम बोलकर पढ़ते हैं तो हमारा ध्यान पढ़ाई पर ज्यादा रहता है ।

↪️ जो हम बोलकर पढ़ते हैं वह हमें सुनाई भी देता है जिस कारण से हम और अच्छे से समझ पाते हैं ।

↪️ बोलकर पढ़ते रहने से किसी दूसरे को समझाने की कैपेसिटी हमारे अंदर पैदा होती है ।

↪️ बोलकर पढ़ने का फायदा तभी है जब हम एक लिमिट में बोलते हैं अर्थात तेज आवाज से पढ़ने का कोई फायदा नहीं है । मध्यम आवाज से पढ़ने में फायदा होता है ।

↪️ बोलकर विद्यार्थी को ऐसा पढ़ना चाहिए ताकि केवल उसको ही सुनाई दे और साथ ही वह काफी देर तक पढ़ सकें।

🌗 लिखकर सीखने के फायदे

दोस्तों जब हम कोई चीज लिखते हैं तो हमारा मन ,बुद्धि और शरीर तीनों ही काम में लगे रहते हैं इस तरीके से हम कह सकते हैं कि हम पूरी तरीके से व्यस्त हो जाते हैं ।

आइए देखते हैं लिखकर पढ़ने के क्या क्या फायदे होते हैं–

↪️ दोस्तों लिखकर पढ़ने का पहला फायदा होता है कि हम शब्दों पर अपनी पकड़ बना लेते हैं ।

↪️ जब हम कोई उत्तर लिखकर सीखते हैं तो हमारे शब्द गलत नहीं होते क्योंकि गलती होने पर हम उसमें जल्दी सुधार कर लेते हैं ।

↪️ लिखकर सीखने के बाद परीक्षा में गलती होने के चांस बिल्कुल कम जाते हैं ।

↪️ लिखकर सीखने के बाद हमारी हैंडराइटिंग में सुधार आता है ।

↪️ लिखकर सीखी गई चीज हमें बहुत लंबे समय तक याद रहती है।

🌗 टाइम मैनेजमेंट

दोस्तों टाइम मैनेजमेंट पढ़ाई के लिए बहुत जरूरी होता है क्योंकि 24 घंटा सभी के पास होते हैं परंतु उनमें सभी विद्यार्थी टॉपर नहीं होते ।

दोस्तों टॉप करने वाले विद्यार्थी 24 घंटा में पूरे 24 घंटा नहीं पड़ते सभी विद्यार्थियों के पास उतना ही समय होता है जितना एवरेज विद्यार्थियों के पास होता है । परीक्षा में 95% से अधिक अंक हासिल करने वाला विद्यार्थी टाइम मैनेजमेंट के साथ पढ़ता है इसके बाद ही वह टॉप कर पाता है ।

दोस्तों आप का टाइम फिक्स होना चाहिए कि आपको कब क्या करना है? यदि आप अपना टाइम फिक्स कर लेंगे तो अपना समय बर्बाद होने से बचा पाएंगे ।टाइम फिक्स करने से कुछ नहीं होता साथ ही आपको उस पर अटल रहना होगा अर्थात उसे फॉलो करना होगा । आपको कोई भी चीज कल पर नहीं टालना है अर्थात आपको जो चीज आज पढ़ना है उसको आज ही खत्म करना है ।

🌗 कांसेप्ट कैसे समझें

दोस्तों समझदारी से पढ़ना और केवल पढ़ना इन दोनों में बहुत फर्क होता है केवल पढ़ लेने से विद्यार्थी बार-बार पढ़ता है और कांसेप्ट को समझ कर पढ़ने वाला विद्यार्थी केवल एक ही बार पढ़ता है।

दोस्तों आपको जो भी चीज पढ़ाई जाती है उसका अर्थ समझने की कोशिश करें और उस पर बार-बार अभ्यास करें इसके बाद आप खुद विश्वास कर पाएंगे कि वह चीज आपको अच्छी तरीके से याद हो गई है ।

🌗 परिभाषा क्या होती है

दोस्तों कई बार हम बिना परिभाषा के चीजों को हल करने की कोशिश करने लगते हैं हालांकि हमें थोड़ा बहुत उसके बारे में जानकारी होती है । परंतु यही गलती हमारी आगे जाकर बहुत बड़ी गलती साबित होती है क्योंकि कई बार चीजें घुमाकर परीक्षा में पूछ ली जाती हैं और हम जानते हुए भी चीजों को गलत कर देते हैं ।

दोस्तों आपको परिभाषाएं बिल्कुल भी नहीं छोड़ना है जो भी आपके लिए दी गई हैं सभी को बराबर याद करना है यदि आपको परिभाषा याद रहेगी तो 95% चांस है कि आप प्रत्येक प्रश्न को हल कर पाएंगे ।

🌗 अध्याय में क्या– क्या पढ़ना है

दोस्तों आपको यह पता होना चाहिए कि कौन से अध्याय से परीक्षा में क्या पूछा जाएगा यदि आपको यह पता नहीं है तो आप बेकार में अपना कीमती समय बर्बाद करेंगे । विद्यार्थी का समय बर्बाद जब होता है जब किसी अध्याय से 2 अंक का आना है और वह पूरा अध्याय याद करने में लगा रहता है ।

विद्यार्थी को पता होना चाहिए कि इस अध्याय से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे यदि विद्यार्थी को यह पता चल जाता है कि इस अध्याय से वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाने हैं या फिर 2 अंकों का प्रश्न पूछा जाएगा तो विद्यार्थी बहुत अच्छी तैयारी कर सकता है । इस तरीके से जानकारी रखने वाला विद्यार्थी अपने लिए बहुत ही अच्छा समय बचा पाता है और समय से पहले ही पूरा सिलेबस कंप्लीट कर लेता है ।

🌗 आहार और पोषण विज्ञान को कैसे समझें

आहार और पोषण विज्ञान से कई प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें से कई प्रश्न 1 अंक के लिए होते हैं और कई प्रश्न दो अंकों के लिए भी होते हैं। दोस्तों आपको याद रखना है कि आहार और पोषण विज्ञान क्या होती है सबसे पहले इनके कांसेप्ट समझने की कोशिश करना है ।

आहार और पोषण विज्ञान कोई बहुत बड़ा अध्याय नहीं होता है परंतु इसमें बहुत ही छोटी– छोटी चीजें परीक्षा के लिए याद करनी होती हैं । आहार और पोषण विज्ञान के अध्याय से कौन-कौन से प्रश्न आते हैं इसके बारे में यदि आप जानना चाहते हैं तो प्रीवियस ईयर के पेपर का सहारा ले सकते हैं ।

🌗 मानव विकास विस्तार बाल विकास आदि क्या है

मानव विकास विस्तार के बारे में आपको विस्तृत रूप से अध्ययन करने की आवश्यकता है यदि आप इस अध्याय में विस्तृत रूप से अध्ययन कर लेते हैं तो आपका कोई भी प्रश्न परीक्षा में नहीं रहेगा ।

दोस्तों इसे समझने की बहुत आवश्यकता है आप चाहे किसी भी तरीके से समझें परंतु बिना समझे इसे परीक्षा में पूरा कर पाना मुश्किल हो जाता है । दोस्तों जब आपको विद्यालय में यह अध्याय पढ़ाया जाता है तो आपको बहुत ही सोच समझ कर पढ़ना है और समझने की कोशिश करना है । जितना हो सके आपको अपने अध्यापक की सहायता लेना है और सीखने की कोशिश करना है ।

🌗 गृह विज्ञान समझना क्यों जरूरी है

दोस्तों आपकी छोटी-छोटी कोशिशें एक बहुत बड़ी सफलता का कारण बनेंगी। दोस्तों कोई भी विद्यार्थी 1 दिन में अथवा 1 महीने में पूरी पुस्तक नहीं पढ़ सकता परंतु यदि धीरे-धीरे छोटे-छोटे अध्याय पढ़ते रहे तो 1 दिन में भी पूरी पुस्तक को दोहराया जा सकता है ।

दोस्तों यदि कोई विद्यार्थी गृह विज्ञान को अच्छी तरीके से समझ लेता है तो गृह विज्ञान के अंतर्गत आने वाले सभी प्रश्न आसानी से सॉल्व कर सकता है । दोस्तों गृह विज्ञान बहुत ही सरल है परंतु इसको एक बार पढ़ने की आवश्यकता है । एक बार इस विषय को अच्छी तरीके से पढ़ लिया तो इसे बहुत अच्छे से समझा जा सकता है और एक बार पढ़ लेने के बाद आप किसी अन्य विद्यार्थी को भी समझा सकते हैं ।

🌗 मॉडल पेपर सॉल्व करने के फायदे

दोस्तों मॉडल पेपर तैयारी को बेहतरीन करने का एक अच्छा तरीका है तैयारी तो विद्यार्थी पुस्तक से कर ही लेते हैं परंतु अगर मॉडल पेपर पर प्रैक्टिस कर लिया तो और ज्यादा अच्छा रहता है ।

आइए जानते हैं मॉडल पेपर सॉल्व करने के क्या-क्या फायदे होते हैं और विद्यार्थी को मॉडल पेपर सॉल्व क्यों करना चाहिए —

↪️ दोस्तों मॉडल पेपर सॉल्व करने के बाद विद्यार्थी को अपने सिलेबस के बारे में पता चल जाता है कि कौन से अध्याय से क्या पढ़ने के लिए बचा हुआ है ।

↪️ मॉडल पेपर में संभावित प्रश्न दिए जाते हैं यदि विद्यार्थी मॉडल पेपर को तैयार कर लेता है तो निश्चित रूप से परीक्षा में भी अच्छा परफॉर्मेंस कर सकता है ।

↪️ परीक्षा में लगने वाला टाइम मैनेजमेंट भी मॉडल पेपर से कर सकता है यदि कोई विद्यार्थी टाइमिंग के अनुसार उसे हल करे तो ।

↪️ यदि कोई विद्यार्थी केवल पास होना चाहता है और वह मॉडल पेपर को सॉल्व कर लेता है तो निश्चित रूप से वह कभी भी फेल नहीं होगा ।

↪️ अगर कोई विद्यार्थी 95% से अधिक अंक हासिल करना चाहता है तो उसे एनसीईआरटी आधारित पुस्तक से पूरा सिलेबस कंप्लीट करना होगा। साथ ही मार्केट में आने वाली पुस्तकों से मॉडल पेपर को भी सॉल्व करना सही रहता है ।

🌗 प्रीवियस ईयर पेपर सॉल्व करने के फायदे

दोस्तों प्रीवियस ईयर का पेपर विद्यार्थी के लिए रामबाण साबित होता है क्योंकि उसमें जो प्रश्न दिए जाते हैं बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। दोस्तों प्रीवियस ईयर के कम से कम 10 प्रश्न ऐसे होते हैं जो प्रति अगली परीक्षा में हर बार पूछ लिए जाते हैं।

आइए देखते हैं प्रीवियस ईयर के पेपर सॉल्व करने के विद्यार्थी को क्या-क्या लाभ होते हैं :–

↪️ परीक्षा में आने वाला पैटर्न पता चल जाता है कि कैसा परीक्षा में पूछा जाता है ।

↪️ प्रीवियस ईयर के पेपर अगली परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण नहीं होते हैं परंतु उन में आने वाले कुछ प्रश्न हर बार दोहराए जाते हैं ।

↪️ कम से कम 2 साल पुराने पेपर सॉल्व करने के बाद विद्यार्थी 80% से अधिक अंक हासिल कर सकता है ।

↪️ प्रीवियस ईयर के पेपर पढ़ने के बाद विद्यार्थी कि अधिक से अधिक मेहनत करने की लालच पैदा होती है ।

🌗 विज्ञान का इंट्रोडक्शन सीखें

विज्ञान का इंट्रोडक्शन और विज्ञान की पकड़ हर क्षेत्र में होना चाहिए क्योंकि विज्ञान एक छोटा सा विषय नहीं है इसके बारे में जितना जानो उतना ही कम है । आपको विज्ञान की सभी शाखाओं के बारे में जानकारी एकत्रित करना चाहिए इसके सभी कांसेप्ट समझने की कोशिश करना चाहिए ऐसा करने से आप इसे बहुत अच्छे ढंग से सीख सकते हैं ।

🌗 अपना कन्फ्यूजन दूर करें

दोस्तों यदि आपको किसी अध्याय में कोई कंफ्यूजन होती है तो आपको हर कोशिश करना चाहिए कि वह कंफ्यूजन दूर हो जाए । यदि आपको कंफ्यूजन रहेगी तो निश्चित रूप से आप कभी ना कभी उसे गलत करेंगे इसीलिए हर संभव प्रयास करना है कि आप उस कंफ्यूजन से दूर हो जाएं । कंफ्यूजन दूर करने के लिए अपने मित्रों का सहयोग ले सकते हैं अपने अध्यापक का भी सहयोग ले सकते हैं ।

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