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एमपी मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना 2024 के लिए रजिस्ट्रेशन करें घर बैठे: आवेदन शुरू

मध्य प्रदेश भावांतर योजना का अर्थ यह होता है कि किसानों के द्वारा जो भी फसल उत्पादन होता है और जब उसे फसल का दम किसानों को नहीं मिल पाता या फिर न्यूनतम मूल्य और सरकार के बाजार भाव के बीच कोई भी तरह का समर्थन करना हो तो सरकार के द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का शुरुआत करने के पीछे सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य है कि किसी भी तरह से अगर किसानों को कोई प्रॉब्लम जाती है तो उनका आर्थिक सहयोग करना अथवा किसानों को मुआवजा देना सरकार की पहली प्राथमिकता होगी । आज के आर्टिकल में हम समझेंगे कि मुख्यमंत्री भावांतर योजना क्या है और यह किस प्रकार कार्य करती है।

किसानों को फसलों के उत्पादन का सही मूल्य न मिलने पर सरकार की प्रतिक्रिया –

पूरे प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने में जब खेती का उत्पादन किया जाता है तब खेती करने वाले को ही पता रहता है कि उसमें कितनी कठिनाइयां आती हैं और कितना परिश्रम होता है । खेती की पैदावार करने के बाद जब किसी किसान को उसकी मेहनत का हक नहीं मिलता सही दाम नहीं मिलता तो वह बहुत ही निराश हो जाता है कभी-कभी उत्पादन होने के बाद मंडी में खेती की पैदावार के अंतर्गत होने वाले अनाजों का दाम गिर जाता है । मंडी में भाव गिर जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो जाता है क्योंकि उनकी बहुत सारी पूंजी खेती में फासी होती है ।

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मंडी में भाव गिरने के कारण किसानों को भारी नुकसान ना हो इस स्थिति को बचाने के लिए सरकार ने किसानों को मुआवजा देने के लिए मुख्यमंत्री भावांतर योजना की शुरुआत की है। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में इसी से संबंधित किसानों ने एक आंदोलन भी किया था जिसके बाद राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया कि किसानों को उनका हक दिलाया जाएगा और उचित मूल्य दिलाया जाएगा ।

बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच अंतर–

किसानों के लिए बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच जो अंतर होता है उसके बीच सरकार के द्वारा ही सामान्य से स्थापित किया जाता है क्योंकि किसानों को जब बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच बहुत बड़ा अंतर दिखता है तो उनको भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

इसके लिए राज्य सरकार के द्वारा आश्वासन दिया गया है कि किसानों को उनके हक के दम ही मिलेंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच जो अंतर होता है उसे राशि को किसानों के खाते में राज्य सरकार के द्वारा डायरेक्ट जमा की जाती है।

भावांतर योजना क्या है?

भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों को फसल की पैदावार होने के पहले ही रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है रजिस्ट्रेशन करने के लिए किस मध्य प्रदेश के उपार्जन पोर्टल पर सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करने से पहले किसानों को अपना उत्पादन नहीं बेचना चाहिए । रजिस्ट्रेशन करने के बाद किसानों के लिए यह निश्चित हो जाता है कि उनको उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य निश्चित रूप से मिल जाएगा।

भावांतर योजना में किन-किन फसलों को शामिल किया गया है?

भावांतर योजना के अंतर्गत खरीफ और रबी दोनों फसलों को शामिल किया गया है। इस योजना के अंतर्गत गेहूं ,ज्वार ,बाजरा ,मक्का , तिल राई सरसों का इत्यादि शामिल है ।

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