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दमोह जिले का इतिहास टूरिज्म और प्रतियोगी परीक्षा GK

दमोह जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल

हेलो दोस्तों आज मैं आपको मध्य प्रदेश के दमोह जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों के बारे में संपूर्ण जानकारी देंने जा रहा हूँ।  दमोह जिले में प्रसिद्ध हटा के गौरी शंकर मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। दमोह जिले की प्रमुख भाषा हिंदी भाषा है। अंग्रेज शासन काल मे सन 1861 में दमोह को जिले का दर्जा दिया गया था । मध्यकालीन इतिहास में इस नगर पर गौड राजवंश का शासन रहा है। इनमें सबसे प्रमुख राजा दलपत शाह और उनकी पत्नी रानी दुर्गावती थी।

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इसके अतिरिक्त एक अन्य रानी दमयंती के नाम पर इस नगर का नाम दमोह रखा गया। दमोह जिला चंदेल राजाओं का प्रशासनिक केंद्र रहा है। इस जिले के अंतर्गत आने वाला कुंडलपुर गांव प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों में दमोह का पुराना नाम टुंडीकर भी प्राप्त होता है ।  सिर गढ़ का किला इसी जिले के अंतर्गत आता है। एक अन्य बाती गढ़ का किला भी इसी जिले में स्थित है। यह किला   मध्य प्रदेश में पार्सियन कला में निर्मित किला है। दमोह जिले में राज्य की सबसे ज्यादा बालश्रामिक पाए गए हैं। डायमंड सीमेंट कंपनी ने अपना कारखाना दमोह जिले में ही लगाया है।

दमोह जिले के ऐतिहासिक साक्ष्य

दमोह जिले के अंतर्गत आने वाली संग्रामपुर घाटी में आदि मानव के अवशेष प्राप्त हुए हैं । राज्य का प्रसिद्ध बैरागढ़ जलप्रपात इसी जिले में स्थित है बैरागढ़ जलप्रपात सुनार नदी पर स्थित है दमोह जिले का ओद्योगिक केंद्र अमानपुरा है । जितने भी जिलों में उद्योग केंद्र लगाए गए हैं वह  शहर से थोड़ा दूर लगाए जाते हैं क्योंकि उद्योगों से बहुत ज्यादा प्रदूषण होता है और इस प्रदूषण से बचने के लिए इन उद्योगों को शहर से दूर लगाया जाता है। प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल बांदकपुर से जिले में स्थित है । मध्यप्रदेश में दमोह जिला कासा और पीतल के बर्तनों के सबसे बड़े बाजार के रूप में प्रसिद्ध है। दीपक अखबार  दमोह जिले से निकलने वाले राष्ट्रीय स्तर के अखबार हैं। कर्तव्य अखबार भी दमोह जिले से निकलने वाला राष्ट्रीय स्तर का अखबार है ।

दमोह जिले के ऐतिहासिक साक्ष्य

दमोह जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल

दमोह जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलMajor Tourist Places of Damoh District
गौरी शंकर मंदिरहटा दमोह
सिंगौरगड़ का किलादमोह
दमोह जिले की साक्षरता70 परसेंट
दमोह जिले में तहसील7
दमोह जिला में विधानसभा4
दमोह जिले का लिंगानुपात950
दमोह जिले में ग्राम पंचायतों  की संख्या460 ग्राम पंचायत
दमोह जिले का क्षेत्रफल7306
दमोह जिले का जनसंख्या घनत्व173 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
डायमंड सिटी सीमेंट कारखाना कहां स्थित हैदमोह मध्य प्रदेश
नरसिंहगढ़ का किलादमोह
बाती गढ़ का किलादमोह
प्रसिद्ध जागेश्वर धामबांदकपुर दमोह
प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल कुंडलपुरदमोह

दमोह राजनीतिक रूप से

दमोह जिले के अंतर्गत 7 तहसील है और 4 विधानसभाएं आती हैं। दमोह जिले को मध्य प्रदेश की पीतल नगरी भी कहते हैं। दमोह जिले में कासा बहुत ही पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। दमोह जिले का जनसंख्या घनत्व 173 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर होता है। दमोह जिले का लिंगानुपात 950 है । यानी कि 1000 पुरुषों पर 950 महिलाएं होती है। दमोह जिले की साक्षरता लगभग 70 परसेंट है। दमोह जिले का क्षेत्रफल 7306 वर्ग किलोमीटर है। दमोह जिले में कुल 7 तहसीलें हैं । दमोह जिले में कुल 2 नगरपालिका परिषद  हैं। दमोह जिले में कुल 460 ग्राम पंचायतें आते हैं। हमारे संविधान में ये वर्णन है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों का बाल श्रमिक नहीं करवाया जाएगा । 14 साल के बच्चों से काम करवाने पर नियम के अनुसार दंडित कार्यवाही की जाती है। 14 साल तक बच्चों को शिक्षा ग्रहण करना अनिवार्य है।

Damoh District Tourism Places

  • 🌑 नरसिंहगढ़ का किला
  • ⚫ चंडी देवी का मंदिर
  • 🌑 गौरी शंकर मंदिर
  • 🌑 कुंडलपुर
  • 🌑 जागेश्वर का मंदिर
  • 🌑 रानी दमयंती का किला
  • 🌑 रानी दुर्गावती अभ्यारण
  • 🌑 सिन्नोरगढ़ का किला
  • 🌑 निदान कुंड
  • 🌑 बाती गढ़ का किला

🌑नरसिंहगढ़ का किला

नरसिंहगढ़ का किला दमोह जिले में स्थित है। दमोह का नाम दमोह रानी दमयंती के नाम पर किया गया था। दमोह में ही डायमंड सिटी सीमेंट कारखाना स्थित किया गया था। दमोह मध्य प्रदेश में कासा और पीतल के बर्तनों के लिए अधिक प्रसिद्ध है।

नरसिंहगढ़ का किला

⚫ चंडी देवी का मंदिर

चंडी देवी का मंदिर दमोह जिले में स्थित है । दमोह मध्य प्रदेश का पहला जिला जहां सबसे ज्यादा बाल श्रमिक कराया जाता है। दमोह स्थित संग्रामपुरा में भारत का पहला पुरातात्विक पार्क बनाया गया है।

कुंडलपुर

🌑 गौरी शंकर मंदिर

गौरी शंकर मंदिर दमोह जिले की हटा तहसील में स्थित है गौरीशंकर शब्द का अर्थ होता है । भगवान शिव जी और पार्वती जी दोनों की एक साथ प्रतिमा  या मूर्ति होती है।

🌑 कुंडलपुर

प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल कुंडलपुर धाम दमोह जिले में स्थित है। कुंडलपुर से निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर है। जबलपुर हवाई अड्डे से कुंडलपुर लगभग 155 किलोमीटर दूरी पर स्थित है । कुंडलपुर के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन दमोह रेलवे स्टेशन है। दमोह रेलवे स्टेशन से कुंडलपुर धाम लगभग 38 किलोमीटर दूरी पर स्थित है । कुंडलपुर एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल है । कुंडलपुर दमोह से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  कुंडलपुर धाम में प्रसिद्ध जैन तीर्थंकर ऋषभदेव की प्रतिमा को लगाया गया है।  कुंडलपुर धाम में बड़े बाबा या आदिनाथ की मूर्ति को स्थापित किया गया है । कुंडलपुर जैनो का एक सिद्ध तीर्थ स्थल है।

कुंडलपुर

🌑 जागेश्वर का मंदिर

जागेश्वर धाम दमोह से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर एक धार्मिक तीर्थ स्थल है । यह हिंदू धर्म से संबंधित तीर्थ स्थल है। जागेश्वर धाम या बांदकपुर की दूरी दमोह से 18 किलोमीटर है। जागेश्वर धाम में भगवान शिव की शिवलिंग स्थापित है । जागेश्वर धाम बांदकपुर नामक गांव में स्थित है । यहां पर श्रद्धालु कावड़ यात्रा लेकर के जाते हैं।

जागेश्वर का मंदिर

🌑 रानी दमयंती का किला

दमयंती का किला मध्य प्रदेश के दमोह  जिले में स्थित है।
रानी दमयंती के किलो को देखते ही बनता है क्योंकि यहां पर काफी मात्रा में पत्थर की मूर्तियां बनी हुई है। इस किले का निर्माण बहुत ही सुंदरता के साथ किया गया है। यहां पत्थर की मूर्तियां देखने में अद्भुत लगती हैं । रानी दमयंती का किला दमोह सिटी में ही बनाया गया है। इसके  खुलने का समय लगभग सुबह 10:00 बजे से 5:00 बजे तक  किला खुला रहता है। रानी दमयंती का किला देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता है । रानी दमयंती के किले में एक बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है । रानी दमयंती के किले में बहुत बड़े-बड़े पेड़ भी लगाए गए हैं। जोकि किले की सुंदरता को और ज्यादा बढ़ा देते हैं।

🌑 रानी दुर्गावती अभ्यारण

रानी दुर्गावती अभ्यारण बहुत ही सुंदर अभ्यारण है। यदि आप इस अभ्यारण को देखने के लिए जाते हैं तो आप रानी दुर्गावती अभ्यारण को देखने के लिए ₹250 की रसीद कटवाने पड़ती है।

रानी दुर्गावती अभ्यारण

रानी दुर्गावती अभ्यारण में बहुत बडी -बडी खाई है। रानी दुर्गावती अभ्यारण में ऊंचे ऊंचे पहाड़ निर्मित है। रानी दुर्गावती अभ्यारण चारों तरफ से जंगल से घिरा हुआ है। रानी दुर्गावती एक बहादुर और साहसी महिला थी। रानी दुर्गावती ने अपने पति की मृत्यु के बाद अपने राज्य को संभाला और उस पर शासन किया था।

रानी दुर्गावती अभ्यारण

🌑 सिंगौरगढ़ का किला

सिंगौरगढ़ का किला जिला दमोह मध्य प्रदेश में स्थित है। सिंगौरगढ़ का किला सतपुड़ा की पहाड़ियों पर स्थित है। सिंगौरगढ़ का किला अब काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। सिंगौर गढ़ का किला संग्रामपुर गांव से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । सिंगौर गढ़ का किला का प्राचीन समय में बहुत बड़ा सामरिक महत्व था। कहा जाता है कि इस किले का निर्माण महाराजा बैंड बसोर और गौड राजाओं के द्वारा करवाया गया था।

🌑 निदान कुंड

निदान कुंड संग्रामपुर दमोह में स्थित है । यहां पर चारों तरफ जंगल लगा हुआ है । यहां देखने में बहुत ही सुंदर लगता है। यह जलप्रपात ऊंची पहाड़ियों पर से गिरता हुआ बहुत ही सुंदर प्रतीत होता है। निदान कुंड को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं । निदान कुंड को देखते हुए बहुत ही खुशहाली महसूस होती है।

🌑 बाती गढ़ का किला

बाती गढ़ का किला  पर्शियन वास्तुकला का एक सर्वोत्तम उदाहरण है। बाती गढ़ के किले को पर्शियन वास्तु कला के रूप में उकेरा गया है। बाती गढ़ का किला दमोह जिले में स्थित है । बाती  गढ़ के किले को देखने के लिए पर्यटक दूर दूर से देखने के लिए इस किले को आते हैं।

भोपाल सम्भागचम्बल सम्भागग्वालियर सम्भागइंदौर सम्भागजबलपुर सम्भाग
1. भोपाल6. श्योपुर9. अशोकनगर15. अलीराजपुर23. कटनी
2. राजगढ़7. मुरैना10. गुना 16. इन्दौर24. छिंदवाड़ा
3. रायसेन8. भिंड11. ग्वालियर17. खंडवा25. जबलपुर
4. विदिशा12. दतिया18. खरगोन26. डिंडौरी
5. सीहोर13. शिवपुरी19. झाबुआ27. नरसिंहपुर
14. चाचौड़ा20. धार 28. मंडला
21. बुरहानपुर29. बालाघाट
22. बड़वानी30. सिवनी
नर्मदापुरम सम्भागरीवा सम्भागसागर सम्भागशहडोल सम्भागउज्जैन सम्भाग
31. हरदा34. रीवा39. छतरपुर45. अनूपपुर48. आगर मालवा
32. होशंगाबाद35. सतना40. टीकमगढ़ 46. उमरिया49. उज्जैन
33. बैतूल36. सीधी41. दमोह47. शहडोल 50. देवास
37. सिंगरौली42. पन्ना51. नीमच
38. मैहर43. सागर 52. मंदसौर
44. निवाड़ी53. रतलाम
54. शाजापुर
55. नागदा

दमोह जिले का इतिहास, पर्यटक स्थल और प्रतियोगिता परीक्षा संबंधित GK – FAQ’S

🌑 सिन्नौर गढ़ का किला कहां स्थित है?

उत्तर   दमोह।

🌑रानी दुर्गावती अभ्यारण कहां पर हैं?

उत्तर  दमोह।

🌑प्रसिध्द जैन तीर्थ स्थल कुंडलपुर कहां पर है?

उत्तर   कुंडलपुर दमोह।

🌑दमोह जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल कौन-कौन से हैं?

उत्तर   कुंडलपुर चंडी देवी के मंदिर रानी दुर्गावती अभ्यारण सिंह और गढ़ का किला बाकी गढ़ का किला रानी दमयंती का किला नरसिंहगढ़ का किला जागेश्वर धाम बांदकपुर।

⚫दमोह जिले में कितनी तहसीलें हैं?

उत्तर  7 तहसीलें।

⚫दमोह जिले में कितनी विधानसभा हैं?

उत्तर  4 विधानसभा।

⚫चंडी देवी का मंदिर किस जिले में स्थित है?

उत्तर  दमोह।

चंडी देवी का मंदिर

⚫दमोह जिले का जनसंख्या घनत्व कितना है?

उत्तर  173 प्रति वर्ग किलोमीटर।

⚫दमोह जिले का कुल क्षेत्रफल कितना है?

उत्तर  7306।

⚫दमोह जिले का लिंगानुपात कितना है?

उत्तर   950 लिंगानुपात।

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