WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

समालखा, दिल्ली, पानीपत, कुरुक्षेत्र से, चुलकाना धाम की दूरी

चुलकाना धाम हरियाणा जिले के अंतर्गत आता है जो पानीपत से बहुत ही करीब स्थित है यदि आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से जाना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत ही उत्तम व्यवस्था रहेगी इसके लिए आप पानीपत रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यहां पर भी ट्रेन ठहरती है। ऐसे धाम पर आने वाले लाखों लोग हैं जो ट्रेन के अलावा भी कई वाहनों से आते हैं क्योंकि यहां की सबसे बड़ी खास बात यह है कि जो भी लोग यहां पर मन्नत का धागा बांध के जाते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है।

समालखा से चुलकाना धाम की दूरी –

समालखा चलकर ना धाम से बहुत ही नजदीक है जिसकी दूरी लगभग 5 किलोमीटर के आसपास है समालखा एक क्षेत्रीय इलाका है यहां पर भी धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था है। चुलकाना एक छोटा सा गांव है जहां पर पीपल का वही पेड़ स्थित है जिस पेड़ में बर्बरीक के द्वारा तीर चलाया गया था और पीपल के सभी पत्तों में छेद कर दिया गया था ।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

दिल्ली से चुलकाना धाम की दूरी –

भारत की राजधानी नई दिल्ली से हरियाणा का चुलकाना धाम 68 किलोमीटर के आसपास है यहां पर यात्री डायरेक्ट दिल्ली से सीधे इस धाम पर पहुंच सकते हैं क्योंकि यहां तक डायरेक्ट ट्रेन जाती है और इसकी अलावा अगर किसी अन्य यातायात साधन के माध्यम से भी जाना चाहता है यात्री तो उससे भी पहुंच सकता है।

पानीपत से चुलकाना धाम की दूरी –

हरियाणा के पानीपत जिले से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर यह धार्मिक तीर्थ स्थल है जहां पर प्रति सप्ताह लाखों लोग दर्शन करने के लिए जाते हैं और यहां पर दर्शन करने पर उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। पानीपत में रेलवे यातायात की सुविधा पर्याप्त है जहां पर आप ट्रेन के माध्यम से भी ठहर के चुलकाना धाम पहुंच सकते हैं।

समालखा, दिल्ली, पानीपत, कुरुक्षेत्र से, चुलकाना धाम की दूरी

कुरुक्षेत्र से चुलकाना धाम की दूरी –

हरियाणा के कुरुक्षेत्र से लगभग चुलकाना धाम 92 किलोमीटर के आसपास पड़ता है जहां पर महाभारत काल के जुड़े हुए कई दृश्य देखने को मिलते हैं । महाभारत काल की सबसे बड़ी लड़ाई हरियाणा के कुरुक्षेत्र नहीं हुई थी । कुरुक्षेत्र के बारे में कहा जाता है कि यहां पर महाभारत काल के समय इतना ज्यादा रक्त बहाया गया है कि आज भी वहां की मिट्टी लाल है ।

चुलकाना धाम का विस्तार –

चुलकाना धाम के बारे मे कहां जाता है कि यहां पर जो कोई भी दर्शन करने के लिए आता है और मन्नत कथा का बांधता है तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है । दुनिया में न जाने कितने लोग कितने प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन उनमें से जो भी लोग इस धाम पर आ जाते हैं तो उनकी हर समस्या दूर हो जाती है ।

Join telegram

Leave a Comment