क्रोध पर काबू कैसे करें बागेश्वर धाम सरकार

क्रोध पर काबू कैसे करें बागेश्वर धाम सरकार, How to control anger Bageshwar Dham,

हेलो दोस्तों!

आज की पोस्ट में हम बात करने वाले हैं बागेश्वर धाम सरकार के अनुसार क्रोध पर काबू कैसे कर सकते हैं ? दोस्तों कहा जाता है क्रोध एक ऐसा रास्ता है जिस पर यदि कोई व्यक्ति एक बार चला जाता है तो उसका पूरा जीवन बर्बाद हो जाता है । बागेश्वर धाम सरकार के अनुसार लोग अपने क्रोध पर कैसे विजय प्राप्त कर सकते हैं? इसके बारे में चर्चा करेंगे ।क्या-क्या उन्होंने उपाय बताए हैं, ताकि लोग क्रोध से दूर रह सके अर्थात क्रोध से बच सकें ।

➜➜दोस्तों क्रोध आने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? क्रोध आने के क्या परिणाम हो सकते हैं ?क्रोध क्यों आता है ?क्रोध पर विजय कैसे प्राप्त पा सकते हैं? सभी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे ।

🔲 सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करना

दोस्तों क्रोध कभी भी किसी व्यक्ति के लिए लाभदायक नहीं होता है जिस भी व्यक्ति को क्रोध आना शुरू होता है वहीं से उसका पतन शुरू हो जाता है। जीवन में दुख का एक कारण क्रोध भी है जिस कारण से लोग कई समस्याओं के शिकार हो जाते हैं और बाद में उनकी जिंदगी एक उलझन में फंस जाती है ।

बागेश्वर धाम सरकार के अनुसार जो लोग क्रोध पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं या फिर क्रोध से मुक्त होना चाहते हैं उनको भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए । भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ उनको बेलपत्र चढ़ाना चाहिए जिससे व्यक्ति क्रोध से बच सकता है ।

🔲 बच्चे क्रोध करें तो उनको क्या करना चाहिए?

बागेश्वर धाम सरकार का कहना है कि यदि कोई बच्चा क्रोध करता है जो नाबालिक हो लड़का या लड़की कोई भी हो उनको रामायण का पाठ करवाना चाहिए। रामायण में दिए गए दोहे के उच्चारण से उनका क्रोध शांत हो सकता है दिन प्रतिदिन उनका क्रोध कम होता चला जाएगा।

बच्चों को जब रामायण का पाठ कराएं तो उसमें से दिए गए दोहे को अर्थ सहित पढ़ने के लिए प्रेरित करें । ऐसा करने से बच्चों के क्रोध धीरे-धीरे कम होने लगेंगे और एक समय ऐसा आएगा जब वे क्रोध करना ही छोड़ देंगे ।

⚫️बागेश्वर धाम की महिमा : घर बैठे अर्जी कैसे लगाएं? टोकन कब मिलेगा?क्लिक करें
⚫️Bageshwar Dham के नाम पर Fraud धोखाधड़ी : बागेश्वर धाम गढ़ागंजक्लिक करें
⚫️Bageshwar Dham Contact No : Bageshwar Dham Toll free noक्लिक करें
⚫️बागेश्वर धाम कहाँ है? : Bageshwar Dham Kahan Hai? – जाने का रास्ताक्लिक करें
⚫️बागेश्वर धाम : कथा भजन – Bageshwar Dham Katha Bhajan Chhatarpurक्लिक करें
⚫️छतरपुर, पन्ना, दमोह एवं सागर से बागेश्वर धाम गढ़ा की दूरीक्लिक करें
⚫️छतरपुर से बागेश्वर धाम गढ़ा की दूरीक्लिक करें
⚫️बागेश्वर धाम मध्यप्रदेश प्रसिद्ध धार्मिक स्थल – Bageshwar Dham MPक्लिक करें

🔲 सोमवार को 108 बेलपत्र भगवान शिव को चढ़ाएं

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का कहना है कि यदि किसी को क्रोध पर विजय प्राप्त करना है तो उसके लिए सबसे बढ़िया उपाय है कि वह सोमवार के दिन 108 बेलपत्र भगवान शिव को चढ़ाएं तो उनका क्रोध शांत हो सकता है ।

जिनको क्रोध आता है वह 108 बेलपत्र पर भगवान श्री राम नाम लिखकर शहद मिलाकर उतारा करें इसके बाद भगवान शिव को अभिषेक करें । भगवान शिव का अभिषेक करते समय ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना बिल्कुल भी ना छोड़े । यदि कोई इतनी प्रक्रिया करता है तो वह निश्चित रूप से आने वाले क्रोध को शांत कर पाएगा और धीरे-धीरे एक समय आएगा जब उसे बिल्कुल भी क्रोध नहीं आएगा ।

🔲 गोविंद की माला जपना है

दोस्तों जगत के पालनहार भगवान श्री कृष्ण के बारे में कौन नहीं जानता उनकी जीवन की गाथा और महान प्रेरणादायक पुस्तक गीता के बारे में कौन नहीं जानता । दोस्तों जीवन जीने की एक विशिष्ट कला आप भागवत गीता से सीख सकते हैं ।

  • ⏩हमारे कर्म ही दुखों का कारण बनते हैं हमें दुख क्यों मिलता है? क्रोध करने से व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? इस प्रकार की समस्त बातें आप गीता से सीख सकते हैं । गीता में जीवन से जुड़े हुए ऐसे तथ्य देखने को मिलते हैं जिनके बारे में कोई नहीं जानता आपको हर सवाल का जवाब गीता में देखने को मिल सकता है ।
  • ⏩यदि किसी को क्रोध आता है तो वह भगवान श्री कृष्ण अर्थात गोविंद की माला जपना शुरू कर दे दिन प्रतिदिन जब यह प्रक्रिया रोज होती रहेगी तो एक ना एक दिन इसका एक बड़ा परिणाम निकल कर सामने आएगा जिसमें व्यक्ति को क्रोध बिल्कुल भी नहीं आएगा ।
  • ⏩दोस्तों क्रोध करने की कोई सीमा होती है कहां तक व्यक्ति क्रोध कर सकता है कहां तक किसी के लिए सही होता है यह एक क्राइटेरिया होता है । एक निश्चित सीमा से किया गया क्रोध हमेशा जीवन को दुख की ओर ले जाता है और परेशानियों को बढ़ा देता है ।

🔲 संगत में बदलाव करें

दोस्तों बागेश्वर धाम महाराज का कहना है कि यदि आप की संगति गलत होगी तो निश्चित रूप से आप गलत रास्ते का चुनाव करेंगे और अपने जीवन में कहीं ना कहीं दुखों का पहाड़ इकट्ठा कर लेंगे । बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का कहना है कि आपको अगर अच्छा जीवन जीना है और समस्याओं से निजात पाना है तो अपने जीवन में बुरी संगति को बिल्कुल त्याग दें ।

उनका कहना है कि यदि आप सफल लोगों के साथ रहेंगे ,सकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ रहेंगे तो आप भी अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि जैसी हमारी संगति होती है उस संगति के लक्षण हमारे में प्रवेश कर जाते हैं ।

दोस्तों संस्कृत में कहा गया है सत्संगति से दोष और गुण दोनों ही उत्पन्न होते हैं अच्छी संगति होगी तो इंसान अपने जीवन में अच्छा सीखेगा यदि संगति थोड़ी भी बुरी हुई तो अपने जीवन में बुराइयों को इकट्ठा करेगा। बागेश्वर धाम महाराज का कहना है कि अपने जीवन में हमेशा अच्छे लोगों की संगति करें ताकि आप भी अपने जीवन में तरक्की कर सकें सफल बन सके ।

🔲 बागेश्वर धाम सरकार के दिए गए मंत्र का जाप करें

बागेश्वर धाम महाराज के पास दरबार में आए हुए लोगों ने कई बार क्रोध के बारे में सवाल किया कि आखिर हम कैसे क्रोध पर विजय प्राप्त कर सकते हैं हमें क्रोध आता है तो हमारी समस्या और ज्यादा बढ़ जाती हैं।

बागेश्वर धाम महाराज का कहना है कि बागेश्वर धाम के दिव्य मंत्र का यदि आपको जाप यदि आप प्रतिदिन करते हैं तो क्रोध पर धीरे-धीरे विजय प्राप्त कर सकते हैं। उनका कहना है कि क्रोध आता है तो आप अपने शांत मन से इस मंत्र का उच्चारण करें और बागेश्वर बालाजी महाराज का ध्यान करें उनकी कृपा अवश्य होगी ।

🔲 आखिर क्यों आता है क्रोध

दोस्तों क्रोध आने का सबसे साधारण कारण होता है कि जब हमारे मन के अनुसार कोई कार्य नहीं होता है या फिर हमें कहीं से पराजय मिल जाती है हम अपने जीवन में कभी सफल नहीं होते हैं तो ऐसी स्थिति में क्रोध की स्थिति बन जाती है और क्रोध कभी-कभी भारी मात्रा में भी उत्पन्न हो जाता है । इस प्रकार से क्रोध उत्पन्न होने से कभी-कभी हमें बहुत बड़ा नुकसान भी उठाना होता है बाद में हम पछताते रह जाते हैं ।

  • 🔥एक बार कोई बहुत बड़ा नुकसान होने के बाद हम केवल उस पर पछतावा कर सकते हैं चाह कर भी उसे सही नहीं कर सकते ।
  • 🔥हमारे जीवन की दुर्बलता क्रोध का प्रमुख कारण बन जाती है इसीलिए दुर्बलता से मुक्त होकर क्रोध से भी मुक्त हो सकते हैं ।
  • 🔥यदि आपकी कोई भी दुर्बलता नहीं रहेगी तो आपको कभी भी क्रोध नहीं आएगा ।

🔲 क्रोध आने से जीवन पर दुष्प्रभाव

दोस्तों क्रोध आने के बहुत सारे दुष्प्रभाव होते हैं लगभग ऐसा मान लीजिए कि जीवन में कई प्रकार की परेशानियां तो उत्पन्न हो ही जाते हैं साथ ही हमारा जीवन एक तरह से नष्ट होने लगता है ।

क्रोध आने के हमारे जीवन पर निम्नलिखित दुष्प्रभाव हो सकते हैं–

  • ➤दोस्तों यदि हमें बहुत ज्यादा क्रोध आता है तो हमारे मन में भ्रम पैदा शुरू हो जाता है और भ्रम पैदा होने से कई प्रकार की समस्याएं खड़ी हो जाती हैं जिनके बारे में कोई निदान ही नहीं मिलता ।
  • ➤कभी-कभी भ्रम इतना ज्यादा हो जाता है कि कई प्रकार की लड़ाई झगड़े भी सामने खड़े हो जाते हैं और हमें कुछ भी समझ में नहीं आता ।
  • ➤दोस्तों क्रोध आने के बाद हमारी बुद्धि आसानी से काम नहीं करती कभी-कभी हमें लगता है कि हम हताश हो चुके हैं, हमारा मन खराब है। इंसान खुद को बहुत ज्यादा दोषी भी मान लेता है जबकि उसका कभी-कभी दोष बिल्कुल भी नहीं होता है ।
  • ➤विवेक अथवा समझदारी दोनों ही खो जाती है जिस कारण से कई प्रकार के कार्य खराब हो जाते हैं लोगों को बहुत नुकसान हो जाता है ।
  • ➤दोस्तों क्रोध यदि लगातार धीरे-धीरे बढ़ता रहा तो यह निश्चित है कि हमारी जिंदगी पूरी तरीके से तबाह हो चुकी होगी ।
  • ➤क्रोध कभी कभी एक व्यक्ति को आता है और उसका परिणाम एक से अधिक व्यक्तियों को भी भुगतना पड़ सकता है जैसे परिवार में किसी एक को आए क्रोध के कारण कोई बड़ा हादसा होने की वजह से पूरे परिवार पर संकट आ जाता है ।

🔲 ध्यान से करें क्रोध को अपने वश में

क्रोध को अपने वश में करना इतना आसान नहीं है परंतु यदि लगातार अभ्यास किया गया तो इसे आसानी से वश में किया जा सकता है। दोस्तों ऐसा नहीं है कि किसी को क्रोध नहीं आता प्राचीन काल से ही ऋषि मुनि इतनी ज्यादा तपस्या करने के बाद भी क्रोधित हो जाते थे। परंतु उन्होंने भी अपने मन पर कई बार विजय प्राप्त की है।

  • 🛑दोस्तों ध्यान एक ऐसी अध्यात्म सकती है जिसके कारण भगवान को भी प्राप्त किया जा सकता है । अर्थात ईश्वर को प्राप्त करना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है ऐसा कहा जा सकता है कि देवत्व को प्राप्त करना या ईश्वर को प्राप्त करना दोनों एक ही बात है ।
  • 🛑दोस्तों आपने सुना होगा कि भगवान भोलेनाथ ध्यान मग्न आ रहा करते थे और ऐसा उन्होंने कई सालों तक किया। दोस्तों भगवान भोलेनाथ संसार के कल्याण के लिए हर प्रयास करते थे।
  • 🛑दोस्तों यदि आप ध्यान योग करते हैं तो आप धीरे-धीरे क्रोध को अपने वश में कर सकते हैं। ध्यान से आपको कोई ताकत प्राप्त नहीं होती परंतु एक अभ्यास और मन को अनुभूति जरूर होती है जो धीरे-धीरे आपकी एक सबसे बड़ी ताकत बन जाती है ।

🔲 योग करने से क्रोध पर कैसे विजय पा सकते हैं

दोस्तों योग करने से कहा जाता है कि हजारों बीमारियां दूर हो जाती हैं प्राचीन काल से ही योग को जीवन के लिए प्राथमिकता बताई जाती है।

दोस्तों योग करने से हमारा शरीर तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही हमारा मन स्थाई रहता है जितनी देर तक हम योग करते हैं उतने समय तक हमारा ध्यान एकदम योग पर ही केंद्रित होता है। प्रतिदिन योग करते रहने से धीरे-धीरे क्रोध नामक चीज़ हमारे शरीर में होती ही नहीं है अर्थात आपको कभी क्रोध आएगा ही नहीं ।

🔲 शांत रहना सीखें

दोस्तों बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का कहना है कि जब भी किसी को क्रोध आए तो सर्वप्रथम शांत रहने की कोशिश करें । यह निश्चित है कि क्रोध आने वाले व्यक्ति को शुरुआत में बहुत परेशानी जा सकती है यह उसके लिए बहुत मुश्किल बात है।

परंतु यदि क्रोध आने पर शांत रहने की कोशिश करते रहे और धीरे-धीरे आपस में सफल होने लगे तो 1 दिन ऐसा आएगा जब आप क्रोध को पूरी तरीके से खत्म कर चुके होंगे ।

🔲 आखिर क्या है क्रोध का कारण?

अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि कौन सा कारण होगा जिसकी वजह से व्यक्ति को क्रोध आता है यदि वह कारण ही ना रहे तो व्यक्ति को क्रोध ही नहीं आएगा और सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

  • ✔दोस्तों व्यक्ति के दिमाग में जैसे ही तनाव बनता है उसी समय क्रोध की अग्नि शुरू हो जाती है और यह एक ज्वाला के रूप में आगे जाकर को भर कर सामने आती है । जब व्यक्ति को क्रोध आता है तो वह कई प्रकार की समस्याएं भी साथ लाता है क्योंकि क्रोध से ही हर समस्या उत्पन्न हो जाती है ।
  • ✔दोस्तों जैसे ही हम तनाव लेते हैं वैसे ही कोई पारिवारिक समस्या उत्पन्न हो जाती है क्योंकि तनाव लेने से व्यक्ति को क्रोध आता है और क्रोध में आकर व्यक्ति कुछ ना कुछ समस्या उत्पन्न कर देता है ।
  • ✔यदि कोई व्यक्ति क्रोध से मुक्त होना चाहता है तो उसे सबसे पहले तनाव से मुक्त होना होगा अर्थात टेंशन लेना पूरी तरीके से छोड़ देना होगा।

🔲 क्रोध उत्पन्न क्यों होता है?

व्यक्ति के जीवन में जब किसी चीज के प्रति भय उत्पन्न होता है ,किसी भी प्रकार से पीड़ा होती है अथवा दर्द होता है और किसी चीज के प्रति निराशा उत्पन्न हुई तो यह निश्चित है कि उसे क्रोध आएगा ।

🔲 समस्या को देखकर घबराए नहीं

दोस्तों कई बार हमारे सामने ऐसी– ऐसी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं जिनको देखकर हम घबरा जाते हैं बल्कि समझदारी के साथ समाधान ढूंढने की कोशिश नहीं करते । दोस्तों जैसी ही समस्या उत्पन्न होती है तुरंत उसका समाधान ढूंढने की कोशिश करना चाहिए अगर हम उस समस्या पर गुस्सा करने की कोशिश करेंगे तो वह हमारे लिए ही खतरनाक साबित होगा। हमेशा समस्या उत्पन्न होने के तुरंत बाद उस समस्या का समाधान ढूंढने की कोशिश करना चाहिए ।

🔲 भरपूर नींद लें

दोस्तों कभी-कभी जब हम पूरी नींद नहीं लेते तो हमें चिड़चिड़ापन बढ़ता है और भारी गुस्सा आने की संभावना होती है । जब हम 7 से 8 घंटे की नींद लेते हैं तो हमारा मन अलग से ही शांत रहता है और गुस्सा आने के कम चांस रहते हैं । नींद पूरी होने से हम किसी भी समस्या का समाधान ढूंढने में सक्षम होते हैं हमारा दिमाग आसानी से काम करने लगता है ।

☑️Hotels Near Bageshwar Dham – बागेश्वर धाम के पास होटलClick Here
☑️Bageshwar Dham Ki Mahima – Chhatarpur Gadha Ganj MPClick Here
☑️खजुराहो से बागेश्वर धाम की दूरी – Bageshwar Dham MP ChhatarpurClick Here
☑️बागेश्वर धाम एमपी (म.प्र) – Bageshwar Dham MP ChhatarpurClick Here
☑️बागेश्वर धाम महाराज का घर माता पिता, भाईClick Here
Join telegram

Leave a Comment