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बेरोज़गारी पर मोहन यादव ने दिया करारा जवाब, युवाओं के लिए कर दिया 7000 नौकरियों का एलान

मध्य प्रदेश में 2019 के बाद एकदम से सरकारी भर्तियां रुकी हुई हैं अर्थात कभी कोई सरकारी वैकेंसी अगर आती भी है तो उसका एग्जाम होने के बाद रिजल्ट आने तक वर्ष लग जाता है । कुल मिलाकर सरकारी भर्तियों से संबंधित कई तरह की लापरवाही होने की वजह से सरकारी वैकेंसी आती ही नहीं है जिसका सबसे बड़ा असर मध्य प्रदेश में बेरोजगारी पर पड़ा है आज के समय में करोड़ों युवा बेरोजगार फिर रहे हैं।

वर्षप्रमुख स्थानव्यक्तिघटना
2023मध्य प्रदेशशिवराज सिंह चौहानमध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के पहले 19 साल तक
2023मध्य प्रदेशडॉ मोहन यादवविधानसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री
2024 MP डॉ मोहन यादवने बेरोजगारी को लेकर एक बड़ा बयान दिया

युवाओं को निकलेगी 7000 भर्ती –

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के द्वारा एमपी के युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 7000 भर्तियों को बहुत ही जल्द निकल जाएगा और इन पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की जाएगी। शिवराज सरकार की तरह ऐसी कोई भी लापरवाही नहीं की जाएगी की परीक्षा होने के बाद रिजल्ट नहीं आएगा परीक्षा जल्द से जल्द आयोजित कराई जाएगी और इसका परिणाम भी जल्दी ही घोषित किया जाएगा ।

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लोकसभा चुनाव से पहले निकल सकती है शिक्षक भर्ती–

मध्य प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए परीक्षा से संबंधित नए मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा जल्दी ही कोई बड़ा बयान जारी किया जा सकता है क्योंकि उन्होंने सरकारी भर्तियों को लेकर हाल ही में एक प्रारूप तैयार किया है । मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा केवल शिक्षक भर्ती को ही नहीं बल्कि शिक्षक भर्ती के साथ-साथ मध्य प्रदेश दरोगा के लिए और मध्य प्रदेश कांस्टेबल के पदों पर युवाओं की भर्ती किया जाना सुनिश्चित किया गया है।

विषयविवरण
योजना प्रारम्भकर्ता नाममोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री
स्थितिबेरोजगार
प्रतिसादकरारा जवाब
उपाय7000 नौकरियों का एलान
लाभयुवाओं के लिए

एमपी में बेरोजगारी का असर –

मध्य प्रदेश में बेरोजगारी इतनी ज्यादा देखने को मिल रही है कि धीरे-धीरे यह भारत के सभी राज्यों को पीछे छोड़ देगा अगर इसी तरह से सरकार नीला पर वही की तो मध्य प्रदेश के युवा बहुत ही बुरी तरीके से रोजगार को लेकर परेशान रह सकते हैं। जिस तरह बिहार में बहुत ही ज्यादा मात्रा में बेरोजगारी देखने को मिलती है उसी तरीके से एमपी में भी बेरोजगारी बहुत ही बुरी तरीके से देखने को मिलती है । मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 के बाद प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरियां दिया जाने का वादा किया गया था लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस वादे को पूरा नहीं किया और धीरे-धीरे मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में बेरोजगारी का ब्यावरा बढ़ता गया ।

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एजुकेशन सिस्टम की लापरवाही –

जब से भारत में सरकारी भर्तियों के लिए डिजिटल तरीके से परीक्षाओं को आयोजित किया गया तब से कई फायदे सरकारी भर्तियों के लिए मिले लेकिन कई तरह से नुकसान को भी देखना पड़ा । सरकारी भर्तियों के लिए फायदा यह होता है कि लाखों विद्यार्थियों की परीक्षा बहुत ही आसानी से कंप्लीट कराई जाती है और सबसे बड़ा नुकसान है यह होता है कि कई बार फ्रॉड गिरी हो जाती है और लोगों को धोखा देखने को मिलता है ।

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