WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

फर्जी पेपर वायरल करने वालों को पुलिस करेगी गिरफ्तार और भेजेगी जेल : भूलकर भी न करें ये गलती

मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड 2024 के लिए फरवरी के प्रथम सप्ताह से ही शुरू होने वाली हैं जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा यह बयान जारी किया गया है कि पेपर माफियाओं को इस बार बिल्कुल भी नहीं बक्शा जायेगा और अगर पेपर वायरल करने वाले की पुष्टि हो जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी । मध्य प्रदेश में पेपर किस तरह से वायरल हो जाता है आज तक किसी को कुछ भी खबर नहीं हुई है लेकिन इस बार मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के द्वारा क्या बयान दिया गया है आईए जानते हैं आज के इस आर्टिकल में।

फर्जी पेपर को ही ओरिजिनल पेपर बताकर करते हैं वायरल–

मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के पास परीक्षा के समय इतना वक्त नहीं होता है कि वह ओरिजिनल पेपर और फर्जी पेपर में कंपेयर करके यह पता लगा सके कि क्या उनके लिए ठीक है क्या उनके लिए ठीक नहीं है। मध्य प्रदेश में बीते लगभग 3 सालों से लगातार फर्जी पेपरो को वायरल किया जाता है और उसके खिलाफ कोई कार्यवाही भी नहीं होती क्योंकि ओरिजिनल पेपर के वायरल होने की पुष्टि हो ही नहीं पाती। इस बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 2024 की परीक्षा से पहले एक गाइडलाइन जारी की है और कहां है कि अगर फर्जी पेपर को किसी ने वायरल कराया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

फर्जी पेपर से विद्यार्थी रहे सावधान !

मध्य प्रदेश के सभी विद्यार्थियों से एक विनम्र आग्रह है कि यदि वह अपना भविष्य अच्छा चाहते हैं तो उनके लिए सबसे सुनहरा मौका है कि वह परीक्षा से पहले इतना सतर्क हो जाएं कि उनका भविष्य खराब ही ना हो। मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाली कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं से पहले कई तरह के माफियाओं के द्वारा फर्जी पेपर को वायरल कराया जाता है और उसे पेपर को इस तरीके से डिजाइन किया जाता है कि विद्यार्थियों को पता ही नहीं रहता। इस तरह की फर्जी पेपर से विद्यार्थियों को अपना समय बर्बाद करना पड़ जाता है क्योंकि परीक्षा के टाइम पर विद्यार्थी अक्सर इन लोगों की बातों में और झांसे में आ जाते हैं।

2024 में अगर फर्जी पेपर वायरल हुआ तो इस बार होगी जेल–

पेपर माफियाओं के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह आदेश जारी किया गया है कि अगर किसी ने इस बार विद्यार्थियों को गुमराह करने की कोशिश की और फर्जी पेपर को वायरल करने की कोशिश की तो उनका सीधा जेल भेजा जाएगा । मध्य प्रदेश में बीते 3 सालों से पेपर तो वायरल हो जाता है मगर सरकार के द्वारा ओरिजिनल पेपर के वायरल होने की पुष्टि नहीं होती जिस वजह से कोई कार्यवाही नहीं होती ।

सोशल मीडिया की फर्जी खबरें–

सोशल मीडिया पर कई तरह की फर्जी खबरों को फैलाया जाता है जिसमें यूट्यूब और टेलीग्राम के साथ व्हाट्सएप सबसे आगे है क्योंकि इस तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थी एक दूसरे के साथ जुड़े हुए होते हैं और कई प्रकार की परीक्षा संबंधी सामग्री एक दूसरे को शेयर करते हैं। टेलीग्राम किसी पेपर के वायरल होने का सशक्त माध्यम है क्योंकि टेलीग्राम पर विद्यार्थी ग्रुप बनाए हुए होते हैं और वहीं पर फर्जी पेपर वायरल हो जाता है ।

Join telegram

Leave a Comment