निवाड़ी जिला Niwari district tourist places MP

निवाड़ी जिला

निवाड़ी जिला मध्य प्रदेश का सबसे नवीनतम जिला है। मध्यप्रदेश का 52वा जिला निवाड़ी जिले के रूप में बना है। पहले यह जिला टीकमगढ़ का हिस्सा हुआ करता था। 1 अक्टूबर 2018 को टीकमगढ़ से अलग करके निवाड़ी को एक नया जिला बनाया गया था।निवाड़ी जिले में क्या क्या खास है, उन सभी बातों को आज हम इस पोस्ट में जानेंगे। आप सभी इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।ताकि आपको निवाड़ी जिले से संबंधित लगभग सभी महत्वपूर्ण चीजों का ज्ञान हो सके। और आप कभी भी निवाड़ी जाना चाहे तो आपको कोई भी असुविधा ना हो।
निवाड़ी जिले के अंतर्गत 2 विधानसभा सीटें तीन तहसील निवाड़ी जिले का क्षेत्रफल 1318 वर्ग किलोमीटर है,यहां की जनसंख्या चार लाख एक हजार है।
टीकमगढ़ जिले से अलग होने के बाद टीकमगढ़ के सभी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल,धार्मिक स्थल निवाड़ी जिले में पहुंच गए हैं। जिसके कारण निवाड़ी जिला टीकमगढ़ से ज्यादा विकसित माना जाने लगा है।
निवाड़ी जिले में जितने भी पर्यटक स्थल, धार्मिक स्थल या अन्य जो भी महत्वपूर्ण स्थान है, मैं उन्हें आज आपको बता देता हूं।

ओरछा

ओरछा निवाड़ी जिले की एक तहसील है, ओरछा को मध्य प्रदेश की अयोध्या कहां जाता है। ओरछा बेतवा नदी के तट पर बसा हुआ है, यहीं पर रामराजा महल बना हुआ है। ओरछा में निवाड़ी जिले के सबसे अधिक स्थल देखने को मिलते हैं।

निवाड़ी जिले के सभी महत्वपूर्ण स्थान

  1. ओरछा का किला
  2. रामराजा सरकार का मंदिर
  3. राय प्रवीण महल
  4. शहीद चंद्रशेखर आजाद स्मारक पार्क
  5. चतुर्भुज मंदिर
  6. लक्ष्मी नारायण मंदिर
  7. हरदोल महल
  8. ओरछा किला
  9. जहांगीर महल
  10. गढ़कुंडार का किला
  11. रामायण म्यूजियम
  12. बरुआ सागर जलाशय

जहांगीर महल

यह महल ओरछा में स्थित है, यह महान बुंदेला और मुगल शासक जहांगीर की दोस्ती का प्रतीक माना जाता है।दोनों की मित्रता की कहानी इसी महल से जुड़ी हुई है। महल के मुख्य द्वार पर दो झुके हुए हाथी बने हुए हैं। यह महल राजा वीर सिंह देव ने जहांगीर के स्वागत के लिए बनवाया था। वास्तुकला की दृष्टि से यह महान उत्कृष्ट उदाहरण है यह एक तीन मंजिला इमारत है।

राजमहल

यह महल ओरछा की सबसे प्राचीनतम महिलो में से एक है। इसका निर्माण मधुकर शाह ने 17 वी शताब्दी में करवाया था। राजा वीर सिंह देव उन्हीं के उत्तराधिकार थे। यह महल छतरियो और आंतरिक भित्तियो के लिए प्रसिद्ध है। धर्म ग्रंथों से जुड़ी तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं।

राम राजा मंदिर

भगवान श्री राम का ओरछा में 400 वर्ष पूर्व राज्य अभिषेक हुआ था।और उसके बाद आज तक यह भगवान श्रीराम को राजा के रूप में पूजा जाता है। यह पूरी दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। इस महल को ओरछा नरेश मधुकर शाह ने बनवाया था।

श्रीराम के लिए चतुर्भुज मंदिर का निर्माण किया गया था, मगर श्री राम की मूर्ति को लाकर इस महल में रख दिया गया। और वह मूर्ति यही विराजमान हो गई मूर्ति को हटाने की बहुत कोशिश की गई मगर मूर्ति अपने स्थान से नहीं हटी,और मूर्ति की यही स्थापना हो गई।

राय प्रवीण महल

यह महल राजा इंद्रमणी खूबसूरत गड़ी का प्रवीण राय की याद में बनवाया गया था। वह एक कवियत्री और संगीतकारा थी। मुगल सम्राट अकबर को जब उनकी सुंदरता के बारे में पता चला तो उन्हें दिल्ली लाने का आदेश दिया गया। इंद्रमणि के प्रति प्रवीण के सच्चे प्रेम को देखकर अकबर ने उन्हें वापस ओरछा भेज दिया। यह दो मंजिला महल प्राकृतिक बगीचों और पेड़ पौधों से घिरा हुआ है। राय प्रवीण महल में एक लघु ऑल, और एक चैंबर है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर

यह मंदिर 1622 ई. में वीर सिंह देव द्वारा बनवाया गया था। मंदिर ओरछा गांव के पश्चिम में एक पहाड़ी पर बना है, मंदिर में 17 और 19 वी शताब्दी के चित्र बने हुए हैं। चित्रों के चटकीले रंग इतने जीवंत लगते हैं, जैसे वह हालहि में बने हुए हो। मंदिर में झांसी की लड़ाई के दृश्य और भगवान कृष्ण की आकृतियां बनी हुई है।

चतुर्भुज मंदिर

राजमहल के समीप स्थित चतुर्भुज मंदिर ओरछा का मुख्य आकर्षण है।यह मंदिर चारभुजाधारी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 1558से 1573 के बीच राजा मधुकर ने करवाया था। मंदिर में प्रार्थना के लिए विस्तृत हाल है,जहां कृष्ण भक्त एकत्र होते हैं।

फूलबाग

बुंदेला राजाओ द्वारा बनाया गया फूलों का बगीचा चारों ओर से दीवारों से घिरा हुआ है। पालकी महल के निकट स्थित यह बाग बुंदेला राजाओं का आरामगाह था। वर्तमान में यह पिकनिक स्थल के रूप में जाना जाता है। फूल बाग में एक भूमिगत महल और आठ स्तंभ वाला मंडप है। यहां के चंदन कटोरा में गिरता पानी झरने के समान प्रतीत होता है।

सुंदर महल

इस महल को राजा जुझार सिंह के पुत्र धुरभजन ने बनवाया था।राजकुमार धुरभजन को एक मुस्लिम लड़की से प्रेम था। उन्होंने उससे विवाह कर इस्लाम धर्म अंगीकार कर लिया था। धीरे-धीरे उन्होंने शाही जीवन त्याग दिया, और स्वयं को ध्यान और भक्ति में लीन कर लिया।विवाह के बाद उन्होंने सुंदर महल त्याग दिया। धुरभजन की मृत्यु के बाद उन्हें संत के रूप में जाना गया।

छत्री

यह स्थान प्रसिद्ध ओरछा किले और रामराजा मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। आप पैदल भी यहां जा सकते हैं। यह छत्री तीन मंजिला हैं। छत्री खूबसूरत बगीचों में नदी के किनारे स्थित है। यह छत्री बुंदेला राजा की याद में बनाई गई है। इसमें ऐसी विशेषता है, कि यह एक मंदिर, मस्जिद और चर्च सभी रूपों में आपको देखने मिलेगी। यह छत्री गिद्धों का घर है। वन विभाग में इनकी रक्षा के लिए छत्री की ऊपरी मंजिल में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।

बेतवा नदी एवं कंचन घाट

बेतवा नदी ओरछा में बहती है, सूर्योदय और सूर्यास्त पर बेतवा नदी के किनारे बैठ कर आराम करने के लिए यह एक शानदार जगह है, क्योंकि यहां पर नजारा बहुत अद्भुत होता है। बेतवा नदी के घाट राजा राम मंदिर के नजदीक स्थित है। बेतवा नदी के किनारे कंचन घाट साफ एवं स्वच्छ है। आपको यहां आकर मन की शांति मिलेगी। कंचन घाट पर वीर सिंह बुंदेला की छतरी है बेतवा नदी में आप रिवर राफ्टिंग का मजा भी ले सकते हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन द्वारा यह सुविधा उपलब्ध है,

चंद्रशेखर आजाद मेमोरियल

चंद्रशेखर आजाद मेमोरियल भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए इसका निर्माण किया गया है। यह स्थान ओरछा से 6 किलोमीटर दूर स्थित है। क्रांतिकारी नेता सन् 1926 से 1927 में यहां ठहरे थे।और भारत की स्वतंत्रता में अपना सराहनीय कदम उठाया था। यहां पर साल भर पर्यटक आते रहते हैं।

लाला हरदौल की समाधि

छत्तीसगढ़ अंचल में हरदौल हरदौल लाला, हरदेव बाबा के नाम से पूजे जाते हैं। और लोक देवता के रूप में प्रसिद्ध है। हरदौल ओरछा नरेश वीर सिंह देव के सबसे छोटे पुत्र थे। इनका जन्म सावन शुक्ल पूर्णिमा संवत 1665 दिनांक 27 जुलाई 1608 को दतिया में हुआ था। इनकी मृत्यु जहर पीने के कारण हुई थी। इनके मृत शरीर को जहां दफनाया गया था। वहां इनकी समाधि मंदिर का निर्माण किया गया है।

ओरछा वन्यजीव अभयारण्य

इस वन्यजीव अभ्यारण की स्थापना 1994 में हुई थी यह वन्यजीव के रहने का आश्रय है। इस अभ्यारण्य में बेतवा नदी एवं जमानी नदी बहती है। यह अभ्यारण मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की सीमा में फैला हुआ है।यहां पर बाघ, तेंदुआ आप देख सकते हैं। अभ्यारण में लगभग 200 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।

हनुमान मंदिर

ओरछा में कई हनुमान मंदिर है लेकिन छतवारी हनुमान मंदिर काफी प्रसिद्ध है। लोगों का कहना है कि इस मंदिर में जो भी अपनी मनोकामना लेकर आता है,उसकी मनोकामना हनुमान जी जरूर पूरा करते हैं। यह मंदिर ओरछा शहर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर 16वी शताब्दी में बना था।इस मंदिर के पास बावड़ी का निर्माण भी किया गया है।

शीश महल

यह महल प्रदेश के ओरछा में स्थित है। इस महल का निर्माण सन् 1706 में ओरछा के महाराज उद्यान सिंह ने करवाया था। वे बड़े वीर और बलशाली थे। बहादुर शाह ने उनकी वीरता से प्रभावित होकर अपनी तलवार इन्हें भेट की थी। इसमें विभिन्न रंगों के कांच लगे हुए हैं, इसलिए इस महल का नाम शीश महल पड़ा।

पालकी महल एवं सावन भादो महल

पालकी महल यह महल ओरछा में स्थित एक ऐतिहासिक जगह है। यह महल रामराजा मंदिर के पास स्थित है, इस महल की आकृति पालकी जैसी होने के कारण इसका नाम पालकी महल पड़ा।
पालकी महल के समीप ही सावन भादो नामक दो मीनारे हैं।इन्हें वायु यंत्र माना जाता है। इसके नीचे तहखाना है। जहां पर राजपरिवार गर्मी के दिनों में आराम करता था।

पालकी महल एवं सावन भादो महल

रामायण म्यूजियम

भारत का पहला रामायण कला संग्रहालय मध्य प्रदेश के कक्षा में स्थापित किया गया है सांची ओरछा में देश का पहला रामायण म्यूजियम विस्थापित किया गया है। यहां पर रामायण से संबंधित सभी चीजों का उल्लेख किया गया है।

बरुआ सागर जलाशय

यह निवाड़ी के पास में स्थित है। बरूआ सागर जलाशय तालाब के रूप में निर्मित है। आप यहां जाकर के आराम से बैठ सकते हैं,और आनंद ले सकते हैं।

बरुआ सागर जलाशय

•1531 ईसवी में ओरछा की स्थापना राजा रूद्र प्रताप ने की थी।
•मध्यप्रदेश में क्षेत्रफल और जनसंख्या में सबसे छोटा जिला निवाड़ी है।
•निवाड़ी जिला का अधिकांश उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है।
•निवाड़ी जिला मध्य प्रदेश का सबसे नवीनतम जिला है इसे 1 अक्टूबर 2018 को बनाया गया था।
•निवाड़ी जिले का क्षेत्रफल 1318 वर्ग किलोमीटर है, जो पूरे मध्यप्रदेश में सबसे कम है।
•ओरछा का नजदीकी हवाई अड्डा खजुराहो है जो 163 किलोमीटर की दूरी पर है।
•झांसी ओरछा का नजदीकी रेल मुख्यालय है ओरछा तक भी रेलवे लाइन है जहां पैसेंजर ट्रेन से पहुंचा जा सकता है।
•ओरछा झांसी खजुराहो मार्ग पर स्थित है नियमित बस सेवा ओरछा,और झांसी को जोड़ती हैं।

निवाड़ी जिला Niwari district tourist places MP FAQ’s

  1. निवाड़ी जिले का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कौन सा है?
    ओरछा नगरी
  2. ऐसा कौन सा मंदिर है जहां पर बंदूकों से सलामी दी जाती है?
    रामराजा सरकार का मंदिर
  3. ओरछा जाने के लिए हवाई अड्डे की व्यवस्था है या नहीं।
    नहीं (बस, ट्रेन)
  4. निवाड़ी जिला मध्य प्रदेश का कौन से क्रम का जिला है।
    52वा
  5. निवाड़ी जिले की अधिकांश सीमा किस राज्य से लगती है।
    उत्तर प्रदेश
  6. निवाड़ी जिले को किस जिले से अलग करके बनाया गया था।
    टीकमगढ़
  7. निवाड़ी जिले का औद्योगिक केंद्र कौन सा है?
    प्रतापपुरा
Website Home ( वेबसाइट की सभी पोस्ट ) – Click Here
———————————————————-
Telegram Channel Link – Click Here
Join telegram

Leave a Comment