राजगढ़ जिला – Rajgarh tourist places in hindi

राजगढ़ जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल-

हेलो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के बारे में जो कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल संभाग के अंतर्गत आता है | यहां पर आज हम बात करने वाले हैं राजगढ़ जिला का निर्माण कब किया गया और इस जिले के अंतर्गत कौन-कौन से पर्यटक स्थल आते हैं जो कि राष्ट्रीय महत्व के हैं ?दोस्तों इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि इस जिले का क्या इतिहास है ?

राजगढ़ जिले में कौन-कौन से पर्यटक स्थल के साथ-साथ यहां पर कौन -कौन से किले पाए जाते हैं और यहां पर कौन-कौन से राष्ट्रीय उद्यान पाए जाते हैं ?सभी बातों पर चर्चा करेंगे | दोस्तों आज आपको राजगढ़ जिले की विस्तृत जानकारी दी जाएगी जिसमें राजगढ़ में कौन-कौन सी नदियां हैं? राजगढ़ का क्या विस्तार है ?यहां पर कौन -कौन से पार्क पाए जाते हैं? जहां पर पर्यटक सबसे ज्यादा आते हैं | दोस्तों राजगढ़ जिला के अंतर्गत आने वाली ऐतिहासिक इमारतें बहुत ही पुरानी और अर्ध निर्मित इमारते हैं जिनमें बहुत सी इमारतें टूटी हुई इन इमारतों से संबंधित सभी प्रकार की बातों पर चर्चा होगी |

Rajgarh tourist places

राजगढ़ जिले के महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल भोपाल से लगभग 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | शहर का एक और महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल है जिसे ‘टोपीला महादेव मंदिर’ के नाम से जाना जाता है |

नरसिंहगढ़ का किलाराजा दीवान पारस राम जी के द्वारा निर्मित
मान्यता गढ़ का किलाजिला राजगढ़
चिड़ीखो झीलजिला राजगढ़ का प्रमुख दर्शनीय स्थल
पशुपतिनाथ मंदिरराजगढ़ जिले की धरैल पहाड़ी पर स्थित है
मां जालपा माता मंदिरRajgarh जिले के घने जंगलों में स्थित
नरसिंहगढ़ वन्य जीव अभ्यारणजिला राजगढ़ का प्रमुख पर्यटक स्थल
राजगढ़ जिले की स्थापनाराजा हृदय शाह
राजगढ़ जिले का नाम1766 में  गजसिंह के पुत्र राजजिंग के  नाम पर
पक्षी अभ्यारणचिड़ीखो 1978 में घोषित
प्रमुख नदियांपार्वती और नेवज दोनों प्रमुख नदियां हैं 
राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहाब्यावरा तहसील 
मालवा का कश्मीरनरसिंहगढ़ का किला

➊ नरसिंहगढ़ का किला-

दोस्तों राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाला नरसिंहगढ़ का किला राजगढ़ जिले का प्रमुख पर्यटक स्थल है| राजगढ़ जिले का यह किला गिन्नौरगढ़ के किले की तरह” बोलने वाले तोतों ” के लिए प्रसिद्ध है | एक किले के में बोलने वाले तोते पाए जाते हैं जिस कारण से यहां घूमने के लिए बहुत लोग आते हैं |

यह किला बहुत ही खूबसूरत और सुंदर होने के कारण इस किले को “मालवा का कश्मीर” भी कहा जाता है | इस किले की बनावट और इसके दरवाजे बहुत ही खूबसूरत और सुंदर हैं ,जिस कारण से यह किला अपनी बनावट के लिए भी जाना जाता है |

नरसिंहगढ़ राजगढ़ जिले की तहसील है और इसी तहसील के अंतर्गत नरसिंहगढ़ का किला आता है | यह किला राजगढ़ जिले का प्रमुख पर्यटक स्थल है जहां पर सालाना हजारों लोग इसे देखने के लिए आते हैं |

नरसिंहगढ़ किले के ठीक नीचे एक तालाब मौजूद है जिसमें वर्ष भर हमेशा पानी मौजूद रहता है इस तालाब की विशेषता है कि कभी भी इस तालाब का पानी खत्म नहीं होता है | एक तालाब का उपयोग वर्तमान में लोग पानी की आपूर्ति के लिए करते हैं |

➋ मान्यता गढ़ का किला-

दोस्तों मान्यता गढ़ का किला बहुत ही पुराना और ऐतिहासिक किला है इसकी कला और नक्काशी तथा बनावट पूरी तरीके से अद्वितीय है| मान्यता गढ़ के किले का निर्माण महान शासक गजसिंह के मंत्री बख्तावर सिंह के द्वारा करवाया गया था | मान्यता गढ़ का नाम चंदेलो की कुलदेवी मान्यता देवी के नाम पर गजसिंह के द्वारा रखा गया था |

मान्यता गढ़ का किला इस तरीके से बनवाया गया है कि इस किले के नीचे तहखाना भी मौजूद हैं जोकि प्राचीन काल में यहां के शासक तहखाने का प्रयोग अपनी कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकता ओं के लिए करते थे |

मान्यता गढ़ के पास में ही जो तालाब मौजूद है वह बहुत ही शानदार और सुंदर दिखता है वर्तमान में इसकी मरम्मत हो चुकी है जिस कारण से पानी का किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं होता है |

चिड़ीखों झील-

राजगढ़ जिले का प्रमुख दर्शनीय स्थल है जहां पर लोग सर्दियों के मौसम में सबसे अधिक घूमने के लिए आते हैं | इस झील के किनारे 2 प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हैं जिनको ‘जामुक्खो ‘और ‘अधिपारखों’ कहा जाता है |

यहां की सुंदरता और आकर्षण को देखते हुए इसे भी ”कश्मीर ऑफ मालवा” का दर्जा प्राप्त हुआ है |

चिड़ीखो झील प्रमुख रूप से पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र है यहां पर सैकड़ों लोग मनोरंजन करने के लिए आते हैं |

➍ जामुक्खों-

राजगढ़ जिले का यही प्रमुख तीर्थ स्थल है जहां पर सैकड़ों की संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं | इस तीर्थ स्थल पर बहुत सुंदर लगता है और यहां पर सैकड़ों की संख्या में लोग मनोरंजन करने के लिए आते हैं |

➎ अधिपारखों-

यह स्थल बहुत सुंदर और खूबसूरत होने के कारण इसे भी “मालवा का कश्मीर “कहा जाता है | यहां की खूबसूरती और यहां का नजारा पूरे राजगढ़ में एक अलग ही पहचान छोड़ता है |

➏ पशुपतिनाथ मंदिर-

राजगढ़ जिले में आने वाला पशुपतिनाथ मंदिर हिंदू धर्म का प्रमुख मंदिर यह मंदिर बहुत ही सुंदर और खूबसूरत है | राजगढ़ जिले कि बिल्कुल करीब राजगढ़ की महल पहाड़ी का यह मंदिर स्थित है इस मंदिर वाले स्थान को भीमगढ़ कहा जाता है | इस भीमगढ़ के स्थान पर स्वयंभू हनुमान जी की प्रतिमा विराजमान है और यहां पर बहुत ही घने जंगल हैं जहां पर माता जालपा का प्रसिद्ध मंदिर है |

✔️यहां पर भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा को सन 1993 के समय प्रति स्थापित किया गया था और उसे भगवान भोलेनाथ के यहां पर पूजा होती आ रही है |

✔️पशुपतिनाथ मंदिर के पास मे ही मकर संक्रांति के समय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित होती है और मेले का आनंद लेती है |

✔️इस मंदिर पर सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता है कहा जाता है कि सावन महीने के सोमवार के समय कोई भी यहां पर आकर भगवान भोलेनाथ का कृपालु पात्र बन सकता है | दोस्तों कहा जाता है कि सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की प्रतिदिन पूजा की जाती है कहा जाता है कि सावन महीने का प्रत्येक दिन भगवान भोलेनाथ के लिए समर्पित होता है | भगवान भोलेनाथ से जुड़े हुए भक्तों की हर मनोकामना भगवान भोलेनाथ पूरी करते हैं

✔️हिंदू धर्म की आस्था को एक बड़ी पहचान देने वाला यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध और लोकप्रिय मंदिर है जहां पर पर्यटकों की भीड़ हमेशा जमा रहती है |

➐ मां जालपा माता मंदिर-

माता जालपा का प्रसिद्ध मंदिर राजगढ़ जिले की नारियल पहाड़ी के घने जंगलों में स्थित है यह मंदिर हिंदू धर्म का सबसे खूबसूरत मंदिर है प्राचीन होने के कारण यहां पर बहुत अधिक मात्रा में लोग इसे देखने के लिए आते | प्रतिवर्ष नवरात्रि के शुभ अवसर पर यहां पर माता रानी की पूजा होती है और जवारे निकलते हैं |

राजगढ़ जिले की लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर राजगढ़ जिले का प्रमुख पर्यटक स्थल है यहां का नजारा बहुत खूबसूरत लगता है | जालपा माता का प्रसिद्ध मंदिर यहां एक पहाड़ी पर स्थित है और एक पहाड़ी के चारों तरफ का नजारा देखने में बहुत ही सुंदर और खूबसूरत लगता है |

वैसे तो यह मंदिर जंगल के बीचो बीच स्थित है परंतु यहां पर ज्यादा अधिक मात्रा में जंगल नहीं है कि लोग बिल्कुल भी जा ना पाएं | एवरेज मात्रा में जंगल होने से और यहां पर जाने आने की संपूर्ण व्यवस्था होने से लोग जालपा माता के दर्शन करने के लिए जाते हैं|
इस मंदिर का इतिहास 500 साल से भी अधिक का है यहां पर जालपा माता की पूजा प्राचीन काल से ही होती आ रही है |

जालपा माता मंदिर में प्रतिवर्ष यहां पर मां जालपा माता को साक्षी मानकर कई जोड़े शादी के रूप में बंध जाते हैं और माता जालपा का आशीर्वाद लेते हैं | इस मंदिर की विशेषता है कि जब किसी का विवाह मुहूर्त नहीं निकलता है तो यहां पर इस मंदिर में विराजमान माता को साक्षी मानकर उनकी शादी करा दी जाती |

➑ नरसिंहगढ़ वन्य जीव अभ्यारण-

नरसिंहगढ़ वन्य जीव अभ्यारण राजगढ़ जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल चिड़ीखो जिले के अंतर्गत आता है किसी झील का बहुत बड़ा क्षेत्र वन्य जीव अभ्यारण के रूप में जाना जाता है | यह अभ्यारण प्रमुख रूप से भारत के राष्ट्रीय पशु मोर के लिए जाना जाता है यहां पर बड़ी संख्या में मोर पाए जाते हैं | यह वन्य जीव अभ्यारण बहुत ही खूबसूरत और आकर्षक वन्य जीव अभ्यारण है | इस वन्य जीव अभ्यारण में मोर के अलावा राष्ट्रीय पशु बाघ हिरण तेंदुआ आदि पाए जाते हैं |

✔️सन 1971 के पहले जहां पर बड़ी मात्रा में शिकार किया जाता था जिस कारण से इस अभ्यारण के कई जीव जंतु और पशुओं का बड़ी मात्रा में शिकार किया जाता था परंतु 1971 के बाद शिकार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया |

✔️1956 के समय मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा इसे वन संरक्षित कर दिया गया इसके बाद इस पर पूर्ण सुरक्षा के लिए बहुत सी गलत दोहन पर प्रतिबंध लगाए गए और 1971 में अभयारण्य घोषित कर दिया गया |

✔️इस वन्य जीव अभ्यारण में वृक्षों, पेड़ों और झाड़ियों की 65 से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं | इस वन्य जीव अभ्यारण में बहुत ही सुंदर सुंदर कई प्रकार की घास पाई जाती है जिनमें मुख्य रुप से 18 प्रकार की घास इस वन्य जीव अभ्यारण में मौजूद है |

✔️इस वन्य जीव अभ्यारण में 175 से भी अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें बहुत से पक्षी ऐसे होते हैं जो प्रवासी भी होते हैं और कई पक्षी ऐसे होते हैं जो अपनी सुंदरता के लिए जाने जाते हैं और बहुत खूबसूरत भी होते हैं |

➒ तिरुपति बालाजी मंदिर-

दोस्तों मध्यप्रदेश में कई बालाजी मंदिर मौजूद हैं परंतु राजगढ़ जिले में तिरुपति बालाजी मंदिर यहां का प्रमुख मंदिर है | राजगढ़ जिले में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर का निर्माण राजगढ़ जिले के गांव जीरापुर के एक भक्त के द्वारा किया गया है |

भारत के दक्षिण में स्थित तिरुपति बालाजी का मंदिर भारत का प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर है यहां पर प्रति वर्ष लाखों लोग तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन करने के लिए जाते हैं | राजगढ़ जिले के जीरापुर गांव से तिरुपति बालाजी के एक भक्त जोड़ें के द्वारा तिरुपति बालाजी के दर्शन किए गए और उनके मन में विचार आया कि क्यों ना जीरापुर मैं भी भगवान तिरुपति बालाजी के जैसा ही एक मंदिर बनवाया जाए | जीरापुर के दो भक्त जिनमें ओमप्रकाश और उनकी धर्मपत्नी श्री शकुंतला जी प्रमुख हैं | इस मंदिर का निर्माण सन 1998 में हुआ था | ओम प्रकाश जी आचार्यों की सहायता से यहां पर तिरुपति बालाजी की स्थापना कर दी | अप्रैल महीने में हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर यहां पर भव्य रैली का आयोजन किया जाता है और उनकी जयंती को मनाया जाता है |

➓ राजगढ़ का कुंडलिया बांध-

राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाला कुंडालिया बांध बहुत ही सुंदर और आकर्षक लगता है क्योंकि इस बांध का निर्माण लगभग 2 सालों में किया गया इन 2 सालों में इस बांध पर बहुत मेहनत की गई | इस बांध का सबसे ज्यादा प्रभाव यहां पर छोटे मोटे और बड़े किसानों को हुआ बांध के निर्माण के बाद किसानों की आय में वृद्धि होने लगी और उनकी उपज में भी वृद्धि होने लगी | इस बांध का प्रमुख उपयोग यहां पर मौजूद किसानों की द्वारा किया जा रहा है| यहां के पास रहने वाले किसानों के द्वारा इस बांध के पानी का उपयोग सबसे ज्यादा मात्रा में खेती के लिए किया जाता है इसके बाद आवश्यक जलापूर्ति के लिए भी किया जाता है | यह बांध देखने में बहुत खूबसूरत होने के कारण यहां पर पर्यटक अक्सर भ्रमण करने के लिए आते हैं | पानी की अच्छी व्यवस्था होने के कारण वहां पर लंबा क्षेत्रफल होने के कारण जनवरी के महीने में कई लोग पिकनिक मनाने के लिए भी आते हैं |

ꪜ राजगढ़ जिले के अंतर्गत जितने भी किले आते हैं उनकी बनावट पूरी तरीके से अद्वितीय है |वर्तमान में जितने भी किले हैं उनमें सब में रोशनी की व्यवस्था नहीं है | राजगढ़ जिले में निर्मित सभी किले की नक्काशी कुछ इस तरीके से की गई है कि यहां पर सूर्य की रोशनी सीधे अंदर चली जाती है |

ꪜ राजगढ़ जिला भारत का एकमात्र ऐसा जिला है जिसने सबसे पहले” मानव विकास प्रतिवेदन” के सिद्धांत को स्वीकार किया है| राजगढ़ जिले के अलावा भारत में कोई ऐसा जिला नहीं है जिसने मानव विकास प्रतिवेदन को स्वीकार किया हो यह जिला सर्वप्रथम आता है |

☑️ राजगढ़ जिले को किसने बसाया?

दोस्तों राजगढ़ जिला बहुत ही प्राचीन और ऐतिहासिक जिला है पुराने समय से ही यह अपने अस्तित्व में हैं सबसे पहले यहां पर बस्ती बसाने का विचार इस जिले की हृदय शाह राजा के मन में आया |

✔️राजा हृदय शाह बुंदेलखंड के महान शासक महाराजा छत्रसाल के पुत्र थे |

राजगढ़ जिला पर्यटन का केंद्र बन चुका है क्योंकि यहां पर इमारतें और किले मौजूद हैं जो बहुत ही सुंदर और आकर्षक हैं | राजगढ़ का इतिहास बहुत ही रोचक और आनंदित कर देने वाला है इतिहास है | राजगढ़ में कई राजाओं ने अपना शासन किया है और उस राजा ने यहां पर धारण किया है तो उसने अपने समय की किसी न किसी का भारत में अपनी गहरी छाप छोड़ी है |

राजगढ़ जिला – Rajgarh tourist places in hindi FAQ’s

☑️टी पेन्थलर कौन थे?

दोस्तों टी पेंथलर एक वैज्ञानिक और धर्म प्रचारक थे जिन्होंने राजगढ़ की यात्रा की थी | राजगढ़ की यात्रा करना इनका कोई विशेष उद्देश्य नहीं था उनकी यात्रा केवल एक भ्रमण थी |

☑️ राजगढ़ जिले का नाम किसके नाम पर पड़ा?

राजगढ़ जिले का नाम महान शासक गज सिंह के पुत्र राजजिंग के नाम पर पड़ा इस शहर का यह नाम सन 1766 में रखा गया था | दोस्तों शासन करने के बाद अधिकतर राजा अपने चित्र का नाम किसी ना किसी अपने ही नाम के आधार पर उस क्षेत्र का नाम बदल देते थे |

☑️ नरसिंहगढ़ का किला कहां पर स्थित है?

नरसिंहगढ़ का किला मध्य प्रदेश की राजगढ़ जिले में स्थित है और यह किला बिल्कुल गिन्नौरगढ़ के किले की तरह दिखता है | नरसिंहगढ़ का किला उसी तरह प्रसिद्ध है जिस तरह से गिन्नौरगढ़ का किला तोतो के लिए प्रसिद्ध है | तोतों के लिए जाने जाने वाला यह किला पूरे देश में विख्यात है अक्सर यहां पर पर्यटक घूमने के लिए आते |

नरसिंहगढ़ का किला एक ऐसा ऐतिहासिक किला है जिस पर बाहर की दीवारों पर चिन्हित अंक आज भी मौजूद है जिनको बड़ी आसानी के साथ पढ़ा जा सकता है परंतु इनमें लिखी गई भाषा थोड़ी अलग होती है इन भाषाओं में प्रमुख रूप से रोमानिया प्राकृत भाषा लिखी है |

☑️ मध्यप्रदेश के किस किले को “मालवा का कश्मीर “कहा जाता है?

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाला नरसिंहगढ़ का किला “मालवा का कश्मीर “कहा जाता है क्योंकि यहां पर बहुत ही सुंदर और खूबसूरत लगता है |

☑️ मध्य प्रदेश में किसे “राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहा “कहा जाता है?

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली ब्यावरा तहसील को “राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहा” कहा जाता है | इस चौराहे के पास में ही बहुत ही सुंदर गार्डन है जिस कारण से इस चौराहे की सुंदरता और अधिक बढ़ जाती है |

☑️ राजगढ़ जिले में कौन-कौन सी नदियां बहती हैं?

राजगढ़ जिले की पार्वती और नेवज दोनों प्रमुख नदियां हैं इन नदियों की माध्यम से यहां की जल आपूर्ति पूरी होती है |

☑️ पीलूखेड़ी क्या है?

दोस्तों पीलूखेड़ी राजगढ़ जिले का औद्योगिक विकास केंद्र है और यह मध्यप्रदेश के भोपाल संभाग के अंतर्गत आता है |

☑️ मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा मुंह के कैंसर कहां पाए जाते हैं?

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा मुंह के कैंसर भोपाल संभाग के राजगढ़ जिले में पाए जाते हैं | यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा सन् 2008 में दी गई थी|

☑️ मध्य प्रदेश का पहला सोलर पार्क कहाँ पर बनाया जा रहा है?

राजगढ़ जिले में मध्य प्रदेश का पहला सोलर पार्क स्थापित किया जा रहा है यह सोलर पार्क ऊर्जा की पूर्ति करेगा | प्रदेश का यह पहला सोलर पार्क राजगढ़ जिले के गणेशपुरा तहसील के ठीक बिल्कुल पास में पड़ता है |

☑️ राजगढ़ जिले में कौन सा पक्षी अभ्यारण है?

राजगढ़ जिले में चिड़ीखो को सन 1978 में पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया है |

☑️ मध्यप्रदेश में कुंडलिया बांध कहां पर स्थित है?

मध्यप्रदेश में कुंडलिया बांध राजगढ़ जिले में स्थित है |

☑️ राजगढ़ जिले की स्थापना कब हुई?

राजगढ़ जिले की स्थापना सन 1948 में हुई थी|

☑️ कालीसिंध नदी की लंबाई कितनी है?

कालीसिंध नदी मध्य प्रदेश की मालवा क्षेत्र की नदी है इसकी कुल लंबाई 550 किलोमीटर है |

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