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समूह सखी कैसे बनें 2024 न्यू प्रक्रिया, वेतन, योग्यता एवं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संबंधी सम्पूर्ण जानकारी

स्वयं सहायता समूह को लेकर मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा घोषणा की गई है कि उनकी सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी और अगर एक महीने में एक से अधिक बार स्वयं सहायता समूह की बैठक कंप्लीट कराई गई और सखी कि अगर परफॉर्मेंस अच्छी रही तो आगे चलकर उनका प्रमोशन भी मिल सकता है । आज के आर्टिकल में हम स्वयं सहायता के बारे में चर्चा करेंगे की सखी की सैलरी में किस तरह से बढ़ोतरी होगी और कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

विषयजानकारी
समूह सखीसमूह सखी बनने के लिए नई प्रक्रिया 2024
वेतनवेतन की जानकारी
योग्यताआवश्यक योग्यता और अन्य आवश्यक अनुभव
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशनऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और संबंधित विवरण

समूह सखी का चयन–

गांव में स्वयं सहायता समूह में समूह की देखभाल करने के लिए एक समूह सखी का होना अनिवार्य होता है ताकि समूह में होने वाली गतिविधि को आसानी से समझ सकें और उसकी प्रक्रिया में सभी को व्यक्तिगत रूप से सहयोग देने के लिए प्रेरित कर सकें। गांव स्तर पर समूह सखी का होना बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि अगर स्वयंसेवक समूह में समूह सखी का चयन न किया जाए तो वह समूह कभी भी नहीं चल सकता।

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समूह सखी का कार्य–

कार्यविवरण
समूह सखी का कार्यराज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ब्लॉक स्तर पर जाकर समूह के सभी सदस्यों को योजनाओं और लाभों की जानकारी देना
जानकारी का प्रसारसमूह सखी का कार्य होता है कि वह राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आने वाली सभी प्रकार की योजनाओं और लाभों के बारे में समूह के सभी सदस्यों को जानकारी पहुंचाएं
योजनाओं के प्रति जागरूकीसमूह सखी का कार्य होता है कि वह राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आने वाली योजनाओं के प्रति समूह के सभी सदस्यों को जागरूक करें

बैंक सखी के माध्यम से स्वयं सहायता समूह के सभी सदस्यों को बीमा योजना के बारे में इन्फॉर्म किया जाता है और बैंक की जितनी भी प्रक्रिया होती हैं सभी के बारे में जानकारी प्रदान करना होता है। खाता खुलवाने की जिम्मेदारी और लोन से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी देने की जिम्मेदारी समूह सखी की ही होती है।

समूह सखी बनने के लिए पात्रता–

स्वयं सहायता समूह में समूह सखी के पद पर चयन होने के लिए आठवीं कक्षा को पास होना उम्मीदवार के लिए आवश्यक होता है पहले ब्लॉक स्तर से ही समूह सखी का चयन कर लिया जाता था मगर अब राज्य स्तर से ही समूह सखी का चयन होता है जिसकी कुछ शर्ते भी आवेदक से पहले स्वीकार करनी पड़ती हैं।

स्तरचयन प्रक्रिया
पाठ्यक्रम स्तरआठवीं कक्षा को पास होना
ब्लॉक स्तरसमूह सखी का चयन पहले ब्लॉक स्तर पर होता था
राज्य स्तरअब समूह सखी का चयन राज्य स्तर से होता है

समूह सखी के पद के लिए इस महिला को उम्मीदवार बनाया जा सकता है जो स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हो बाहर की अन्य किसी महिला को समूह सखी के पद के लिए चयन नहीं किया जा सकता।

समूह सखी की सैलरी–

समूह सखी के पद पर कार्यरत होने वाली स्वयं सहायता समूह की महिला को ₹1000 प्रति महीना आर्थिक भुगतान भी सरकार की तरफ से किया जाता है इसके अलावा मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा नए निर्देश जारी किए गए हैं जिसमें उन्होंने अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करने की बात कही है तो आगे चलकर सखी के पद पर कार्यरत होने वाली महिला के पैसों को बढ़ाएं भी जा सकता है।

प्रति महीना एक बैठक जरूरी –

स्वयं सहायता समूह के द्वारा सखी के पद पर कार्यरत होने वाली महिला की सबसे पहली जिम्मेदारी यह होती है कि प्रत्येक महीने में एक बैठक ग्राम पंचायत में समूह की कंप्लीट कराई जाए।

सीट नंबरबैठकों की संख्यापरफॉर्मेंसबढ़ोतरीसैलरी (₹/महीना)
12अच्छाहो सकती है₹2000
22अच्छाहो सकती है₹5000-₹7000

प्रति महीने में अगर दो बैठक कंप्लीट कराई गई और सखी का परफॉर्मेंस अच्छा रहा तो आगे चलकर उनकी सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है और ₹2000 प्रति महीना भी किया जा सकता है और जैसा कि आगे नए मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के द्वारा 2000 नहीं बल्कि 5000 से लेकर ₹7000 तक सैलरी को बढ़ाया जा सकता है ।

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