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स्वयं सहायता समूह सखी भर्ती , सैलरी, काम एवं लाभ 2024 सम्पूर्ण जानकारी

स्वयं सहायता समूह में गांव स्तर पर महिलाओं के ग्रुप बनाए जाते हैं और उन महिलाओं में एक महिला को ग्रुप का लीडर बनाया जाता है और कई तरह से महिलाओं की पोस्ट भी निर्धारित कर दी जाती है जिसके आधार पर उनको आगे ग्रुप को लीड करना होता है । ग्रुप में एक सखी की पोस्ट पर महिलाओं को काम करने को दिया जाता है जो यह निर्धारित करती है कि महीने में कितनी बार ग्रुप की बैठक लगाई जाएगी और किस तरीके से योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाएगा और जागरूक किया जाएगा। आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि स्वयं सहायता समूह की सखी के पोस्ट पर भर्ती को किस तरीके से किया जाता है,कितनी सैलरी होती है ,और 2024 में महिलाएं इसका लाभ कैसे उठा सकती हैं?

स्वयं सहायता समूह की जानकारी–

स्वयं सहायता समूह आज से नहीं बल्कि कई सालों पहले से चला आ रहा है अगर हम इतिहास की बात करें तो इतिहास से ही गांव स्तर पर आदिवासी समाज से लेकर निम्न वर्ग की कई समाज छोटे-छोटे कामों में समूह बना लेते हैं और एक दूसरे का सहयोग करते हैं । ठीक वैसा ही आज के समय में होता है गांव स्तर पर कुछ मदद सरकार के द्वारा कराई जाती है और कुछ मदद आपस में जो समूह का निर्माण होता है उसके सदस्यों के द्वारा होती है और कुल मिलाकर एक दूसरे की मदद करना स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत ही आता है ।

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भर्तीस्वयं सहायता समूह सखी
रिक्तियों की संख्या11250
सैलरी12000 रुपए
कामस्व सहायता समूह सखी से सम्बंधित कार्य
वर्ष2024
वेबसाइट लिंक https://nrlm.gov.in

बैंक लिंकेज की प्रक्रिया–

स्वयं सहायता समूह में बैंक लिंकेज की प्रक्रिया को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है जिसका अर्थ यह होता है कि बैंक से केवल सारी चीजें लिंक होना ही नहीं बल्कि बैंक के साथ स्वयं सहायता समूह के हर सदस्य का बहुत ही बेहतर लेनदेन होना चाहिए । बैंक लिंकेज में सबसे पहले बचत खाता को खुलवाने का काम समूह की प्रथम प्रक्रिया होती है जिसमें समूह के द्वारा अन्य सदस्यों के जोड़ने के बाद किसी पदाधिकारी के द्वारा अथवा समूह के अध्यक्ष के द्वारा या फिर कोषाध्यक्ष के द्वारा यह जानकारी प्रदान की जाती है कि खाता खुलवाने की क्या प्रक्रिया रहेगी और कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ सकती है ।

स्वयं सहायता समूह से होने वाला लाभ–

स्वयं सहायता समूह में समूह के सदस्यों के लिए एक फायदा यह होता है कि उनको बैंक के द्वारा कर्ज प्राप्त हो जाता है जो की 1 वर्ष में 10% से लेकर 12% के अंतर्गत ही रहता है। स्वयं सहायता समूह में छोटा-मोटा काम तो समूह के किसी सदस्य के द्वारा ही पूरा कर दिया जाता है जैसे यदि समूह के किसी सदस्य को थोड़ी बहुत कर्ज की जरूरत पड़ी तो बैंक के जाने की जरूरत नहीं होती समूह के किसी सदस्य के द्वारा ही छोटी-मोटी मदद कर दी जाती है।

स्वयं सहायता समूह में सखी की पोस्ट –

स्वयं सहायता समूह में केवल सखी की पोस्ट ही नहीं बल्कि स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष का निर्माण भी किया जाता है और उसे अध्यक्ष का निर्माण भी किया जाता है इसके बाद जब स्वयं सहायता समूह धीरे-धीरे आगे बढ़ता है तो उसमें एक पोस्ट सखी के लिए भी जारी कर दी जाती है जो आपका समय अध्यक्ष और कोष अध्यक्ष की जगह भी काम कर सकती है । सखी का सबसे पहले काम होता है कि एक महीने में लगभग 1 से 2 मीटिंग को कंप्लीट करें और उनमें हर वह जानकारी प्रदान करें जो जरूरत के हिसाब से उत्तम हो।

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