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स्व सहायता समूह में कृषि सखी के पदों पर निकली भर्ती : 11340 पदों के लिए आवेदन शुरू

प्राकृतिक तरीके से खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार के कई प्रयास होते हैं जिसमें से एक प्रयास है यह भी है कि कृषि सखी के पद पर किसी महिला को चयनित किया जाता है जो गांव स्तर पर लोगों को प्राकृतिक रूप से खेती करने के लिए जागरूक करती है जिसके लिए सरकार के द्वारा 6000 से ₹7000 तक की वेतन भी प्रदान की जाती है ।

कृषि सखी के पद पर चयन होने से पहले उनको थोड़ी बहुत ट्रेनिंग दी जाती है ताकि काम करने का तरीका उनको मालूम हो जाए और कृषि सखी के लिए गांव स्तर पर किसी के लिए कार्यों को समझना और जागरूक करना आसान हो जाए । आज के आर्टिकल में हम बात करेंगे कि कृषि सखी क्या है और इनको किस तरीके से काम करना होता है और कृषि सखी के लिए क्या वेतन होती है?

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कृषि सखी कार्यक्रम के लिए सरकार का प्रयास–

ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के द्वारा प्राकृतिक तरीके से खेती करने को तो बढ़ावा दिया ही जाता है लेकिन साथ में सरकार के द्वारा हर वह प्रयास किया जाता है जिसके माध्यम से किसानों को खेती करने में आसानी हो और एक उन्नत पैदावार प्राप्त हो सके । कृषि सखी के माध्यम से सरकार का सबसे पहला उद्देश्य होता है कि किसानों को गांव स्तर पर नई-नई खेती के तरीकों के बारे में जागरूक करना और उनको नए तरीकों के बारे में जानकारी देना ताकि किसानों को आसानी हो सके की प्राकृतिक खेती को कितने आसान तरीके से किया जा सकता है ।

दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को हर वह लाभ दिया जाए जिसकी उनको जरूरत है और गांव स्तर पर खेती के नए तरीके पहुंच सके ।

कृषि सखी का वेतन–

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी देना और किसानों को नए-नए तरीकों से रुबरु करवाना कृषि सखी का पहला कार्य होता है । वर्तमान समय में कीटनाशकों के उपयोग से पैदावार में कमी तो नहीं होती लेकिन उसमें वह पोषक तत्व कभी नहीं मिलते जो एक प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिल सकते हैं ।

भविष्य को देखते हुए सरकार का पहला उद्देश्य है कि प्राकृतिक तरीके से उन्नत खेती को किया जाए इसके लिए उन्होंने कृषि सखी के पद पर महिलाओं को चयनात करने का फैसला किया है और उनका 6000 से ₹7000 के माध्यम से तथा संविदा बेस पर काम करने के लिए प्रेरित किया है । स्वयं सहायता समूह के माध्यम से काम की परफॉर्मेंस के तरीके के आधार पर कृषि सखी का वेतन बढ़ाया भी जा सकता है और 2024 के समय यह बिल्कुल कंफर्म है कि लगभग ₹10000 कृषि सखी का वेतन निर्धारण किया जा सकता है ।

कृषि सखी का कार्य –

कृषि सखी के पद पर चयनित महिला के लिए सबसे पहले यह काम करने के लिए दिया जाता है कि गांव स्तर पर महिलाओं को किस तरीके से खेती के लिए जागरूक करना है और उनको किस तरीके से यह जानकारी देना है कि किस-किस बी का किस तरीके से चयन करें और कब खेती की बुवाई करें ताकि एक उन्नत पैदावार प्राप्त हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों को समझना इतना जरूरी नहीं होता लेकिन केवल पुरुषों के माध्यम से खेती नहीं होती कई बार महिलाओं को उनके साथ-साथ बहुत सारे काम करने पड़ते हैं लेकिन उन्नत तरीकों के बारे में पता न होने की वजह से वह पैदावार कभी नहीं होती जो वर्तमान समय में होना चाहिए ।

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खेती के लिए खाद के छिड़काव के बारे में जानकारी देना और कीटनाशकों के बारे में जानकारी देना कृषि सखी का महत्वपूर्ण कार्य होता है । ग्रामीण क्षेत्र में कृषि सखी के द्वारा किसानों को भी काफी मदद मिलती है क्योंकि उनका हर तरीकों के बारे में जानकारी मिलती है और खेती करने के तरीके भी पता चलते हैं।

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