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आधार कार्ड में बायोमेट्रिक फिंगर करवा ले अपडेट UIDAI ने जारी किया आदेश

कई युवाओं में यह परेशानी देखने को मिलती है कि उनकी उंगलियां बायोमेट्रिक सत्यापन करते समय नहीं आती है। बुजुर्गों में भी ऐसी समस्याएं देखने को भी है। जब बुजुर्ग कियोस्क बैंक में पैसा निकालने जाते हैं तब उनकी उंगलियां फिंगरप्रिंट नहीं आते हैं इस वजह से उनको दर-दर भटकना पड़ता है। बैंक डीबीटी केवाईसी करने के लिए भी बायोमेट्रिक फिंगर नहीं आते हैं इसीलिए भी लोगों को बहुत परेशान होना पड़ता है।

बायोमेट्रिक फिंगर आना सबसे अधिक बुजुर्गों में देखा जाता है। यूआइडीएआइ ने आधार कार्ड अपडेट को लेकर गाइडलाइन भी जारी की है। हर 10 साल के अंदर अपने सभी डॉक्यूमेंट आधार कार्ड के अंतर्गत अपलोड कर दें साथ ही साथ बायोमैट्रिक अपडेट भी करवा ले।

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जब से हमारे देश में आधार कार्ड की शुरुआत की गई है तब से पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसे अन्य डॉक्यूमेंट की इतनी ज्यादा जरूरत नहीं होती है बहुत से सरकारी कामकाज केवल आधार कार्ड से ही संपन्न किए जाते हैं । आधार कार्ड को लेकर के वर्तमान समय में काफी लोग परेशान हैं क्योंकि आधार कार्ड हर किसी के लिए जरूरी हो गया है और आधार कार्ड के बिना कोई भी सरकारी काम पूरा नहीं होता ।

आधार कार्ड में वर्तमान समय में कई लोग अपना मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी अपडेट कर रहे हैं ऐसे में आप सभी के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया UIDAI की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है कि सभी लोग अपना बायोमेट्रिक फिंगर अपडेट करवा लें । आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि बायोमेट्रिक फिंगर कैसे अपडेट किया जा सकता है और इसकी क्या प्रक्रिया है ।

आधार कार्ड का विवरण –

29 सितंबर 2010 को आधार कार्ड की शुरुआत भारत के महाराष्ट्र राज्य से हुई थी और धीरे-धीरे यह पूरे देश में प्रचलन में आ गया और आज के समय में हर एक व्यक्ति के लिए आधार कार्ड जरूरी हो गया है । आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा गया है जिसमें शारीरिक तौर पर अंगों को स्कैन करके फीड किया जाता है । इस व्यवस्था के बाद अगर किसी सरकारी कामकाज में आधार कार्ड को लिंक कर दिया जाता है तो निश्चित तौर पर उम्मीदवार का डाटा पूरी तरीके से सुरक्षित हो जाता है ।

बायोमैट्रिक डाटा का महत्व –

बायोमैट्रिक डाटा के द्वारा व्यक्तिगत जानकारी तो सुरक्षित रहती ही है साथ में कई तरह के डॉक्यूमेंट और बैंकिंग डिटेल को भी सुरक्षित रखा जा सकता है क्योंकि बायोमैट्रिक डाटा के अंतर्गत आइरिस स्कैन के साथ-साथ फिंगरप्रिंट को स्कैन किया जाता है । बायोमैट्रिक डाटा के अंतर्गत जो भी जानकारी है उसे अपडेट करते रहना चाहिए क्योंकि वर्तमान समय में आधार कार्ड को धोखाधड़ी के मामले में भी देखा गया है।

बायोमेट्रिक फिंगर अपडेट कैसे करें?

बायोमेट्रिक फिंगर अपडेट करवाने के लिए कोई बहुत बड़ी प्रक्रिया नहीं है और ना ही इतना मुश्किल काम है कि कोई ऐसी करवा नहीं सकता यह तो इतनी सिंपल सी प्रक्रिया है कि इस घर बैठे भी पूरा किया जा सकता है । नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल करके आप बायोमेट्रिक फिंगर अपडेट करवा सकते हैं –

  1. सबसे पहले अपने नजदीकी आधार केंद्र पर जाएं ।
  2. इसके बाद बायोमेट्रिक फिंगर अपडेट करवाने के लिए फॉर्म भरे ।
  3. अपडेट करवाने के लिए नामांकन फॉर्म को भरने के बाद सभी जानकारी को एकत्रित करें और जमा करें ।
  4. इसके बाद आइरिस स्कैन करवाएं और यह चेक करें कि आपकी मौजूद जानकारी मेल खाती है या नहीं ।
  5. जब यह पता लग जाए कि आपकी जानकारी मेल खाती है तो इसके बाद अपनी जानकारी को जमा कर सकते हैं जैसे आइरिस स्कैनिंग ।
  6. इस प्रकार के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए आपको थोड़ा बहुत भुगतान भी करना पड़ सकता है । कभी-कभी यह प्रक्रिया फ्री भी कर दी जाती है ।
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