देवास जिले के प्रमुख पर्यटन Dewas History GK Tourism

देवास जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल-

हेलो दोस्तों ! आज हम बात करने वाले हैं मध्य प्रदेश के देवास जिले के बारे में ,यहां के सभी पर्यटक स्थल जो कि राष्ट्रीय के महत्व के हैं ,सभी के बारे में विस्तृत चर्चा होगी | देवास जिले के अंतर्गत सभी पर्यटक स्थलों की जानकारी दी जाएगी उन पर्यटक स्थलों में जिले के सभी धार्मिक मंदिर और यहां पर आने वाले तालाब ऐतिहासिक किले , ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी सब आपके सामने उजागर की जाएगी | देवास जिला एक पहाड़ी एरिया है और इस पहाड़ी के अंतर्गत बहुत से पर्यटक स्थल आते हैं आज हम उन्हीं के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे |

Table of Contents

जिले के बारे में-

दोस्तों यह जिला उज्जैन संभाग के अंतर्गत आता है और मालवा पठार के अंतर्गत बसा हुआ है | मालवा पठार के पश्चिमी क्षेत्र में बसा हुआ यह जिला धार्मिक स्थलों के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है| देवास जिले के दक्षिण पश्चिम में बसा हुआ निमाड़ क्षेत्र जैसे प्रमुख रूप से पश्चिमी निमाड़ और पूर्वी निमाड़ के रूप में जाना जाता है|

इस जिले की सबसे खास बात यह है कि “खातेगांव” नामक गांव से ‘कर्क रेखा ‘गुजरती है | इस जिले के उत्तर पूर्व में शाजापुर जिला की सीमा लगती है |

ऊर्जा संयंत्रजाम गोदरानी ऊर्जा संयंत्र सन 1955 में स्थापित
मंदिरजटाशंकर मंदिर देवास, सीता माता मंदिर देवास, पिपलेश्वर मंदिर , सिद्धिविनायक गणेश मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर
प्रसिद्ध तीर्थ स्थलनेमावर घाट, देवास पुष्पगिरी तीर्थ
हिंदू धर्म और जैन धर्म के लिए प्रसिद्ध जगहनेमावर
जलप्रपातगिदीया खो जलप्रपात
खुडैल देवताआदिवासियों का प्रमुख तीर्थ स्थल
पर्यटक स्थलकावड़िया पहाड़ी
बांधशिप्रा बांध
नदीशिप्रा
उद्योगगैस वेल्डिंग प्लांट, सूटिंग शर्टिंग कारखाना, बरलाई शक्कर कारखाना
कालीसिंध नदी का उद्गमदेवास
बैंक नोट प्रेस की स्थापनासन 1969 ₹5 से बड़ी नोट छापे जाते हैं
प्रसिद्ध त्यौहारजेमावर उत्सव

▶️ जामगोदरानी ऊर्जा संयंत्र-

दोस्तों यह ऊर्जा संयंत्र पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन करता है इस ऊर्जा संयंत्र का का विकास भारी मात्रा में तेजी से किया जा रहा है | दोस्तों यह एक पवन ऊर्जा संयंत्र है जिसे देवास जिले की जमगोद पहाड़ी पर स्थापित किया गया है | इस ऊर्जा संयंत्र की स्थापना 1955 में हुई थी | यहां पर 64 पवन शक्तियों की व्यवस्था की गई थी और 15 मेगावाट की बिजली के उत्पादन किए जाने की घोषणा थी | वर्तमान में ऊर्जा संयंत्र को बंद किए जाने की तैयारी चल रही है |

शुरुआत में इसके विकास पर बहुत तेजी से जोर दिया गया था परंतु इसके विकास में प्रयोग होने वाले उपकरण कहीं ना कहीं से लिए गए थे और उनका समय पूरा होने के बाद उनको वापस कर दिया गया | वर्तमान में ऐसी स्थिति बन चुकी है कि इस ऊर्जा संयंत्र को पूरी तरीके से बंद करने का फैसला किया गया है |

▶️ देवास जिले का जटाशंकर मंदिर-

देवास जिले के एक छोटे से गांव बगली के अंतर्गत भगवान शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है जिसे जटाशंकर मंदिर के नाम से जाना जाता है | दोस्तों यह मंदिर पहाड़ियों में बना हुआ एक प्राचीन मंदिर है जितना भगवान शिव की शिवलिंग देखने को मिलती है | भगवान शिव के दर्शन करने के लिए यहां पर सबसे ज्यादा भीड़ महाशिवरात्रि के अवसर पर होती है क्योंकि महाशिवरात्रि के समय भगवान शिव और माता पार्वती की शादी का यहां पर विशेष आयोजन किया जाता है | इस मंदिर के चारों तरफ आपको एक सुंदर वातावरण और यहां पर सुंदर झरना देखने को मिलता है| यहां पर एक जलकुंड मिलता है जो कि बहुत ही प्रसिद्ध है इस जल कुंड से पानी निकालकर लोग भगवान शिव की शिवलिंग पर चढ़ाते हैं |

यहां पर एक छोटा सा झरना है जो कि बरसात के समय पर ऊपर से गिरते हुए पानी के साथ बहुत सुंदर लगता है | इस मंदिर को देखने के लिए आप किसी भी समय जा सकते हैं परंतु सबसे ज्यादा सुंदर यहां पर बरसात के समय में ही लगता है क्योंकि यहां पर बरसात के समय में झरना और कुंड दोनों ही भरे मिलते हैं | यहां पर आपको एक गोमुख भी देखने को मिलता है जिसके द्वारा पूरे 24 घंटे पानी गिरता ही रहता है और कहा जाता है कि यहां पर यह पानी कभी खत्म नहीं होता | दोस्तों भगवान शिव के दरबार में आए हुए प्रत्येक भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है | यही एक धार्मिक मंदिर है यहां के स्थानीय निवासी लोग प्रत्येक महीने में अमावस्या अथवा पूर्णिमा के समय भगवान शिव के दर्शन करने के लिए जाते हैं |

▶️ नेमावर घाट- Dewas

नेमावर घाट मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत आता है यह घाट नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है | देवास जिले के अंतर्गत नेमावर घाट एक जैन तीर्थ स्थल के लिए जाना जाता है और नेमावर नाम से देवास जिले के अंतर्गत एक छोटा सा गांव भी है | नेमावर घाट के अंतर्गत जैन धर्म के तीर्थ स्थलों के अलावा हिंदू धर्म के बहुत से तीर्थ स्थल मौजूद हैं जहां पर आप घूम सकते हैं | बरसात के समय पर यहां पर बहुत ही खूबसूरत लगता है क्योंकि इस घाट पर मां नर्मदा का बहता हुआ पानी यहां के तीर्थ स्थलों की शोभा बढ़ा देता है | तोते यदि आप देवास घूमना चाहते हैं तो यह पाठ नेमावर घाट को जरूर देखना जाएं क्योंकि वास्तव में यह ऐसा स्थल है जहां पर आपको जाकर एक शांति और खुशी महसूस होगी |

घाट के अंतर्गत जैन मंदिरों में प्रमुख रूप से त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर पाए जाते हैं जो कि जैन मंदिरों के लिए सबसे प्रमुख मंदिर है| जैन समुदाय के लोग जहां पर अक्सर घूमने के लिए आते रहते हैं और मंदिरों का भ्रमण करते हैं परंतु उनके अलावा यहां पर अन्य धर्मों के लोग भी आते रहते हैं |

 नेमावर घाट- Dewas

▶️ गिदीया खो जलप्रपात-

दोस्तों यह जलप्रपात जंगल के बीचो बीच स्थित है यहां पर इतना सुंदर लगता है कि जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करता है | चाहे विद्वान होता है विज्ञान में हो या फिर यहां पर आने वाला कोई भी पर्यटक हो सभी को यह स्थल मन को भा जाता है | यह जलप्रपात जंगल की इतनी दूर है कि यहां पर तोर नाम की किसी प्रकार की कोई आवाज नहीं आती | दोस्तों शांति में अपना कुछ समय बिताने के लिए यदि आप कहीं पर जाना चाहते हैं तो इस जलप्रपात को देखने जरूर जाइएगा क्योंकि यहां पर आपको शांति तो मिलेगी ही और साथ ही बहुत ही सुंदरता देखने को मिलेगी|

इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला जलप्रपात यहां का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है यहां पर जाने के बाद आप अपने मन को एक अलग ही शांति महसूस करेंगे |

दोस्तों जलप्रपात कोई भी हो आप कहीं पर भी देखना वहां पर आपको बहुत सुंदर लगेगा क्योंकि वास्तव में वह प्रकृति की एक असली निशानी हैं जिसे देखने के बाद आपके मन में एक अलग ही खुशी महसूस होगी आपका मन खिल उठेगा |

▶️ खुडैल देवता-

दोस्तों यह देवता यहां पर अपने आदिवासी क्षेत्र के लिए जाने जाते हैं देवास जिले में आने वाला गिदीया खो जलप्रपात के पास में ही है देवता मौजूद है | आदिवासी क्षेत्र के अंतर्गत यदि कोई घूमना चाहता है तो इस देवता को देखना जरूर पसंद करेगा क्योंकि यहां पर जाने के बाद आपको आदिवासी क्षेत्र की पुरानी और ऐतिहासिक चीजें देखने को मिलेंगी | दोस्तों यह वह क्षेत्र है जिसके माध्यम से हमें पता चलता है कि आदिवासी पुराने समय में कैसे अपने देवताओं की पूजा किया करते थे और कैसी उनकी संतान की सभी जानकारी इस स्थल से पता चलती है |

वर्तमान समय प्रत्येक पूर्णिमा और अमावस्या के शुभ अवसर पर दिवस जिले के अंतर्गत निवास करने वाले आदिवासी आज भी खुडैल देवता के दर्शन करने के लिए जाते हैं और उनकी पूजा करने के लिए जाते हैं |

▶️ सीता माता मंदिर-

देवास जिले के एक छोटे से गांव पिपरी के अंतर्गत माता-पिता का बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर देखने को मिलता है और इस मंदिर के पास में ही एक झरना स्थित है | देखने में यह मंदिर बहुत ही सुंदर और खूबसूरत लगता है क्योंकि यहां पर सुंदर झरना ठीक इस के बाजू में है बरसात के समय में यह झरना ऊपर से गिरते हुए पानी के लिए जाना जाता है गिरता हुआ पानी प्रकृति की सुंदरता को चारों तरफ बिखेर देता है | सीता माता मंदिर में आपको माता सीता के अलावा यहां पर भगवान श्री राम के साथ अन्य देवताओं की मूर्तियां भी देखने को मिलती है | यहां पर जाने के लिए वर्तमान समय में बहुत ही सुंदर रास्ता निर्मित किया गया है आप अपने पर्सनल वाहन के माध्यम से और अन्य किसी वाहन के द्वारा इस मंदिर तक डायरेक्ट बिना किसी परेशानी के पहुंच सकती हैं |

▶️ कावड़िया पहाड़ी देवास-

दोस्तों यह पहाड़ी पर्यटक स्थल का बहुत ही सुंदर केंद्र बन चुकी है क्योंकि यहां पर बहुत सुंदर – सुंदर आकार की चट्टाने देखने को मिलती हैं जिनमें कई चट्टानों को आप हेक्सागोनल आकार के रूप में देख सकते हैं | दोस्तों यह सुंदर-सुंदर चट्टाने पूरी कावड़िया पहाड़ी पर देखने को मिलती हैं इन चट्टानों के अलावा यहां पर भगवान श्री हनुमान जी की प्रतिमा को भी देखा जा सकता है | कावड़िया पहाड़ी पोटला गांव से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है | यहां पर जितनी भी चट्टाने पाई जाती है उनकी आकार को से तरीके से हैं कि आपको देखने में बहुत ही आकर्षक लगेंगे इसी कारण से यहां पर बहुत सारे लोग इसे देखने के लिए आते रहते हैं | यहां पर चट्टानों के आकार कुछ इस तरीके से हैं जैसे कोई पुराना चमत्कार देखने को मिल रहा है | आपको यहां पर प्राकृतिक सुंदरता प्रमुख रूप से देखने को मिलती है आप यहां पर अपने पूरे परिवार के साथ घूमने आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं |

कावड़िया पहाड़ी देवास-

▶️ पिपलेश्वर मंदिर-

देवास जिले के सोनकच्छ के अंतर्गत आने वाला पिपलेश्वर मंदिर भगवान शिव के लिए समर्पित है इस मंदिर में भगवान शिव की प्रसिद्ध शिवलिंग को देखा जा सकता है | पिपलेश्वर में सबसे ज्यादा भीड़ श्रावण मास के महीने में होती है क्योंकि श्रावण मास के प्रत्येक दिन भगवान भगवान शिव की पूजा की जाती है |

यह मंदिर प्रमुख रूप से यहां पर बहने वाली काली सिंध नदी के किनारे पर बना हुआ है यहां पर बहुत सारे तपस्वी यों ने अपनी तपस्या की है | देवास जिले का यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है क्योंकि नदी के किनारे बना हुआ है और यहां पर प्राचीन समय में बहुत सारे संत यहां पर निवासरत रहे हैं | यहां पर संतों की ऐसी भूमि है कि आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु आज भी नतमस्तक हो जाते हैं | इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि कोई भी श्रद्धालु यहां पर आकर अपनी अर्जी को लगा सकता है परिणाम यह होता है कि उनकी अर्जी स्वीकार हो जाती है | यहां पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को भगवान शिव के द्वारा कभी भी खाली नहीं छोड़ा जाता उनकी हर मनोकामना जरूर पूरी की जाती है |

▶️ देवास का पुष्पगिरी तीर्थ-

दोस्तों देवास कब पुष्पगिरी तीर्थ जैन धर्म के लिए समर्पित है यह देवास से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है | यह जैन तीर्थ स्थलों का प्रमुख समूह है यहां पर जैन संत आकर ठहरते हैं और आसपास के सभी निवासी इस तीर्थ स्थल पर तरह-तरह की आयोजन करते हैं | देवास जिले के अंतर्गत आने वाला पुष्पगिरी जैन तीर्थ भोपाल रोड पर स्थित है इस जैन तीर्थ पर आपको प्रमुख रूप से जैन धर्म के भगवान श्री पार्श्वनाथ की मूर्ति को देखा जा सकता है|

दोस्तों यह जैन तीर्थ स्थल बहुत ही सुंदर और आकर्षक है यहां पर आपको तरह -तरह के खेल खिलौने और बच्चों के खेलने की सामग्री मिल जाती है इसीलिए आप अपने पूरे परिवार के साथ भी यहां पर दर्शन करने के लिए आ सकते हैं और मनोरंजन कर सकते हैं | दोस्तों पुष्पगिरी नाम से यह जैन तीर्थ काफी क्षेत्रफल में फैला हुआ है यहां पर आपको रहने और ठहरने की पूरी व्यवस्था मिल जाती है आप यहां पर एक हफ्ते से लेकर 1 महीने तक कर सकते हैं जिसके लिए आपको रूम के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं को भी उपलब्ध करा दिया जाता है | यहां पर सर्वाधिक मात्रा में आसपास के सभी जन समुदाय के लोग ज्यादातर आते हैं इसके अलावा भी अन्य लोग भी यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं |

▶️ शिप्रा बांध देवास-

शिप्रा नदी पर बना हुआ यह बांध यहां का प्रमुख बांध है इस बांध से एकत्रित किए गए जल का उपयोग जिले के मुख्य भाग पर होने वाली खेती के लिए होता है | यह बांध देखने में बहुत सुंदर और आकर्षक लगता है आप यहां पर जाकर प्रकृति का आनंद भी उठा सकते हैं और अपने पूरे परिवार के साथ भी घूमने के लिए जा सकते हैं | यहां पर जब से बांध निर्मित किया गया है तब इस जिले की उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि हुई है और किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है क्योंकि इससे आयोजित की जाने वाली सभी नहरो के द्वारा किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो जाता है | इस बांध का नजारा सबसे ज्यादा सुंदर बरसात के समय में लगता है क्योंकि भरा हुआ बांध काफी सुंदर लगता है और इसके गीत भी खुल जाते हैं तो गिरता हुआ पानी ऐसा प्रतीत होता है मानो झरना गिर रहा है |

▶️ सिद्धिविनायक गणेश मंदिर –

भगवान श्री गणेश का यह मंदिर देवास का एक धार्मिक मंदिर है जहां पर गणेश चतुर्थी के समय हजारों की संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं | श्री गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्यौहार को मनाने के लिए लोग यहां पर बहुत दूर-दूर से आते हैं पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था उपलब्ध हो जाती है जिस कारण से अपने पूरे परिवार के साथ ही लोग यहां पर रुक जाते हैं | देखने में यह मंदिर बहुत ही सुंदर और आकर्षक लगता है आप यहां पर किसी भी समय भगवान श्री गणेश के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं | भगवान श्री गणेश के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालु लड्डू लेकर आते हैं क्योंकि कहा जाता है कि भगवान श्री गणेश को लड्डू बहुत पसंद होते हैं इसीलिए लोग उनको लड्डू का भोग लगाना ज्यादा पसंद करते हैं |

वर्तमान समय में यह मंदिर नागदा जिले के अंतर्गत आता है | इस मंदिर की स्थापना पांडवों के द्वारा की गई है परंतु इस प्रकार का कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिला है | कई साक्ष्यों के अनुसार बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों के द्वारा किया गया है क्योंकि इस वाले क्षेत्र में पांडवों के अज्ञातवास के समय यहां पर उनका ज्यादातर समय बीता है और उन्होंने बहुत सारे मंदिरों का निर्माण भी करवाया था जिनमें से यह मंदिर भी एक था |

▶️ केदार खो –

दोस्तों यह एक पहाड़ी है यहां पर आपको प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलती है साथ ही जहां पर बने हुए हनुमान मंदिर यहां के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं | दोस्तों यह पर्यटक स्थल नागदा पहाड़ी के अंतर्गत आता है यहां से गुजरने वाला नेशनल हाईवे के माध्यम से आप यहां तक पहुंच सकते हैं | दोस्तों यही एक प्राकृतिक जगह है यहां पर बहुत ही सुंदर और खूबसूरत लगता है नेशनल हाईवे के दोनों तरफ आपको पवनचक्की देखने को मिलती है | भगवान श्री हनुमान जी के अलावा आपको यहां पर भगवान शंकर जी की कई मंदिर देखने को मिलते हैं जो कि धार्मिक स्थलों के लिए जाने जाते हैं |

दोस्तों यहां पर सर्दियों के समय में बहुत ही सुंदर लगता है क्योंकि सर्दियों के समय मुझे पहाड़ियों पर बादल और हल्की हल्की धूप यहां पर अच्छी लगती | यहां पर जाने के बाद एकदम शांति महसूस होगी क्योंकि यहां पर किसी भी प्रकार का शोर-शराबा नहीं है |

▶️ चामुंडा देवी मंदिर-

चामुंडा देवी मंदिर यहां का प्रमुख धार्मिक मंदिर के यहां पर भक्ति और भावना से जुड़े लोग मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं | प्राचीन काल से यह मंदिर अपने अस्तित्व में है यहां पर स्थानीय निवासियों के द्वारा नवरात्रि के समय पर कई प्रकार के आयोजन किए जाते हैं | चामुंडा देवी माता शक्ति की एक खंडपीठ है क्योंकि इस मंदिर में विराजमान है | दोस्तों यह मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है और इस मंदिर में विराजमान माता की प्रतिमा बहुत ही खूबसूरत और प्राचीन प्रतिमा है |

नवरात्रि के समय पर कई श्रद्धालु यहां पर माता के दरबार में कन्या भोज का आयोजन करते हैं | माता के दरबार में अर्जी लगाने के बाद जिन्हें श्रद्धालुओं की इच्छा पूर्ति हो जाती है वह लोग यहां पर माता के दरबार में चढ़ावा चढ़ाने के लिए आते हैं जिनमें प्रमुख रूप से त्रिशूल ,चुनरी और घंटा आदि को चढ़ाया जाता है | दोस्तों इस मंदिर में दूर-दूर से कई श्रद्धालु ऐसे होते हैं जो की चुनरी यात्रा को अंजाम देते हैं जिसमें प्रमुख रुप से सर्वाधिक मात्रा में लंबी चुनरी को माता के दरबार में चढ़ाया जाता है | इस चुनरी को चढ़ाने के लिए एक शोभायात्रा के उपलक्ष में माता के दरबार तक ले जाया जाता है |

देवास जिले के प्रमुख पर्यटन History GK Tourism FAQ’s

▶️ गैस बॉटलिंग प्लांट-

देवास जिले के अंतर्गत गैस वेल्डिंग प्लांट की स्थापना की गई है क्योंकि यहां की प्रमुख कंपनी के रूप में कार्यरत है |

➤ देवास जिला किस पठार पर स्थित है?

मध्य प्रदेश का दिवस जिला मालवा के पठार पर स्थित है|

➤ देवास का नाम दिवस कैसे पड़ा?

मध्यप्रदेश के देवास जिले का नाम यहां पर स्थित है देवी वैशनी के नाम पर चलता है |

➤ मध्यप्रदेश में बहने वाली काली सिंध नदी का उद्गम कहां से होता है?

कालीसिंध नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के देवास जिले से होता है| कालीसिंध नदी देवास जिले के बागली नामक गांव से छोटी सी धारा के रूप में प्रकट होती है |

➤ मध्य प्रदेश में बैंक नोट प्रेस कहां पर स्थित है?

मध्य प्रदेश में बैंक नोट प्रेस देवास जिले में स्थापित है इसकी स्थापना सन 1969 में हुई थी | देवास बैंक नोट प्रेस के द्वारा ₹5 से बड़े नोट छापे जाते हैं |

➤ मध्यप्रदेश का लेदर कंपलेक्स कहां है?

मध्य प्रदेश कल यादव कंपलेक्स देवास जिले में स्थापित है|

➤ मध्य प्रदेश की ट्रैक्टर कंपनी आईसर कहां पर है?

मध्य प्रदेश की आईसर कंपनी के ट्रैक्टर का निर्माण प्रमुख रूप से मध्यप्रदेश के देवास जिले में होता है परंतु इस कंपनी की कई इकाइयां अन्य जिलों में भी कार्यरत हैं |

➤ मध्यप्रदेश में सूटिंग सर्टिंग ग कपड़ा कारखाना कहां पर है ?

मध्यप्रदेश के देवास जिले में एस कुमार कंपनी ने यह इकाई स्थापित की है जो कि एक कपड़ा कारखाना है |

➤ अंतरराष्ट्रीय दवा कंपनी रैनबैक्सी मध्य प्रदेश में कहां है?

मध्यप्रदेश के देवास जिले में भारत की प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय दवा कंपनी रैनबैक्सी की निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है |

➤ मध्य प्रदेश का पहला आईएसओ प्रमाणित थाना किस जिले का है ?

मध्यप्रदेश के देवास जिले का पुलिस थाना पहला आईएसओ प्रमाणित पुलिस थाना है |

➤ मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध चामुंडा देवी मंदिर किस जिले में हैं?

चामुंडा देवी मंदिर मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्थित है यह मंदिर पूरे प्रदेश का प्रसिद्ध मंदिर है |

➤ जेमावर महोत्सव कहां मनाया जाता है?

मध्यप्रदेश के देवास जिले में प्रति वर्ष जेमावर महोत्सव उत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमें हजारों की संख्या में लोग पार्टिसिपेट करते हैं |

➤ बरलाई शक्कर कारखाना कहां है?

देवास जिले में बरलाई शक्कर कारखाना मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध शक्कर कारखाना है |

➤ मध्य प्रदेश का विंड फार्म कहां है?

ऊर्जा के क्षेत्र में विकास के साथ-साथ ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश का विंड फार्म देवास जिले में स्थापित किया जा रहा है |

Website Home ( वेबसाइट की सभी पोस्ट ) – Click Here
———————————————————-
Telegram Channel Link – Click Here
Join telegram

Leave a Comment